सीआईएसएफ में कोरोना के 22 नए मामले, कुल संख्या 95 हुई

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पिछले 24 घंटों में सीआईएसएफ कर्मियों के बीच कोरोनावायरस के कुल 22 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें देश भर में केंद्रीय बल में इस तरह के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है। संक्रमण के अधिकतम मामले उन्हीं सीआईएसएफ जवानों में पाए गए हैं, जो इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डा और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) में तैनात किए गए थे।

1.62 लाख कर्मियों वाले मजबूत अर्धसैनिक बल में रिकवरी दर संतोषजनक है, क्योंकि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के पांच कर्मियों को ठीक होने के बाद बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सीआईएसफ में ठीक हुए कुल मरीजों की संख्या 137 है।

सीआईएसएफ के आंकड़ों के अनुसार, आईजीआई हवाईअड्डे पर तैनात कर्मियों के बीच पिछले 24 घंटों में तीन नए मामले सामने आए। मंगलवार को इसी यूनिट से करीब 18 कर्मियों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

फोर्स ने स्पष्ट किया कि सभी 21 संक्रमित कर्मी पिछले 10 दिनों से सख्त संगरोध में हैं और ड्यूटी नहीं कर रहे हैं।

सीआईएसएफ के कुल 95 कोरोना पॉजिटिव

कर्मियों में से 57 दिल्ली में, 26 मुंबई में, चार झारखंड में, तीन कोलकाता में, दो चेन्नई में और हैदराबाद, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में एक-एक तैनात हैं।

दिल्ली में 57 संक्रमित सीआईएसएफ कर्मियों में से 28 दिल्ली हवाईअड्डे पर और 21 डीएमआरसी पर और आठ केंद्र सरकार की अलग-अलग बिल्डिंग में सिक्योरिटी ड्यूटी पर तैनात थे।

मई के दूसरे सप्ताह में कोलकाता में 55 वर्षीय एक सीआईएसएफ असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की मृत्यु हो गई।

सीआईएसएफ और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बीच कोरोना मामलों में वृद्धि अधिकारियों के लिए चिंता का एक प्रमुख विषय है। लगभग 800 सीएपीएफ कर्मी घातक वायरस से संक्रमित हुए हैं, हालांकि 500 से अधिक ठीक हो चुके हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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