क्रिश्चियन मिशेल को काउसंलर पहुंच दी गई

0
54

ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को काउंसलर पहुंच दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वह 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में बिचौलिया है और अब प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि उसे काउंसलर पहुंच दी गई है।”

कुमार ने कहा, “ब्रिटिश उच्चायोग से पिछले महीने हमें मिले अनुरोध के आधार पर उच्चायोग के सचिव स्तर के दूसरे अधिकारी ने क्रिश्चियन मिशेल से मुलाकात की है।”

मिशेल को दिसंबर 2018 में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous article‘ऑनर व्यू 20’ 29 जनवरी को लांच होगा
Next articleनागा साधु बनने से पहले महिलाओं का होता है ये खतरनाक टेस्ट, चौंकाने वाली है हकीकत
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here