जानिए क्या हैं चित्रगुप्त महाराज की महिमा और पूजन विधि

0
117

दीवाली के आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता हैं और आज भाई दूज का त्योहार हैं, और इसके साथ ही चित्रगुप्त भगवान की भी पूजा की जाएगी। चित्रगुप्त हिंदुओं के प्रमुख देवता माने जाते हैं। वही पुराणों के अनुसार, वो अपने दरबार में मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेख जोखा रखते हैं और न्याय करते हैं।

वही व्यापारियों के लिए यह नए साल की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन नए बहियों पर श्री लिखकर कार्य प्रारंभ किया जाता हैं। इस दिन अगर चचेरी, ममेरी, फुफेरी या कोई भी बहन अपने हाथ से भाई को खाना खिलाए तो उसकी उम्र बढ जाती हैं, वही साथ ही साथ जिंदगी के कष्ट भी दूर जाती हैं।

कौन है चित्रगुप्त महाराज और क्या है इनकी महिमा—

चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रह्मा जी के चित्त से हुआ था।

इनका कार्य प्राणियों के कर्मों के हिसाब किताब रखान हैं।

मुख्य रूप से इनकी पूजा भाई दूज के दिन होती हैं।

इनकी पूजा से लेखनी, वाणी और विद्या का वरदान मिलता हैं।

जानिए इस दिन चित्रगुप्ता जी की उपासना कैसे करें—

प्रात:काल पूर्व दिशा में चौक बनाएं।

इस ​पर चित्रगुप्त भगवान के विग्रह की स्थापना करें।

उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं, पुष्प और मिष्ठान्न अर्पित करें।

उन्हें एक कलम भी अर्पित करें।

इसके बाद एक सफ़ेद कागज पर हल्दी लगाकर उस पर ‘श्री गणेशाय नम:’ लिखें।

फिर “ॐ चित्रगुप्ताय नमः” 11 बार लिखें।

भगवान चित्रगुप्त से विद्या, बुद्धि और लेखन का वरदान मांगें।

अर्पित की हुई कलम को सुरक्षित रखें और वर्ष भर प्रयोग करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here