जानवरों से भी बत्तर सुलूक की शिकार चीनी मुसलमान, जबरन करवाया गया शराब औऱ सुअर के मांस का सेवन

0
78

जयपुर। पिछले दिनों चीन की मुसलिमों को शिक्षित करने वाली नीति को बहुत सराहा गया जिसमें चीन प्रशासन ने अपने यहां रहने वाली मुस्लिम आबादी को दोबारा शिक्षा देने का बेडा उठाया था। लेकिन चीन की इस कूटनीति का उस समय पर्दाफाश हुआ जब इसी कैंप में जाने वाले मुस्लिम कायरात समरकंद ने अपने साथ हुए अन्याय को लेकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि चीन में ना सिर्फ उन्हें प्रताड़ित किया गया बल्कि उनका ब्रेन वॉश करने की कोशिशें की गईं। इस मामेल में समरकंद के साथी ऊमर बेकाली ने बताया कि इन कैंपों में बहुत ही खराब गुणवत्ता का खाना दिया जाता है। अगर हलती से कोई बेहतर आहार की मांग कर दे तो उसे जबरन शरीब और मांस का सेवन करवाया जाता है। जिसे इस्लाम मे हराम बताया जाता है।

क्या सच में मुसलमान होना अपराध है?

अपनी आपबीती सुनाते हुए कायरत समरकंद ने बताया कि हमारा सिर्फ यही अपराध है कि हम मुसलमान हैं औप पडोसी देश कजाखस्तान से चीन आए हैं। उन्हें सिर्फ इसी इल्जाम में हिरासत में लिया गया, इस दौरान उन्बहें तीन दिन तक जबरन बंदी बनाया गया और बेहद क्रूरता से सवाल जबाव किए गए। चीनीयों की इस क्रूरता के बाद उन्हें नवंबर में शिनजियांग स्थित रीएजुकेशन कैंप में तीन महिने के लिए भेज दिया गया।

रिएजुरकेशन कैंप में हुए क्रूरता का शिकार

अपने एक साक्षात्कार में समरकंद बताते हैं कि इस कैंप में उन्हें कई बार बेइज्ज किया गया औऱ उनकी ब्रेन वॉश करने की कोशिशें हुईं। वहां मौजूद अन्य लोगों को उन्हीं के साथ घटों-घंटों कम्युनिस्ट पार्टी का प्रॉपेगैंडा पढ़ने पर मजबूर किया गया। तना ही नहीं, इन लोगों को प्रतिदिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग का अभिवादन और चीन की लंबी उम्र को लेकर नारे लगवाएं जाते थे।

‘चीन में रिएजुकेशन कैंप में जो भी इन नियमों का पालन नहीं करता था, या फिर जो लोग इस काम से एतराज व्यक्त करते थे, बहस करते थे, कैंप में देर से आने वाले या फिर नियमों का उल्लंघन करने वालों के हाथ-पैरों को बेडियों से करीब 12 घंटों तक बांध दिया जाता था। नियम ना मानने वालों के मुंह में जबरन पानी भर दिया जाता था।’- कायरत समरकंद

किसने किया खुलासा?

इस मामले में मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यूरोपियन स्कूल ऑफ कल्चर ऐंड थियॉलजी इन कोर्नटल के आद्रियान जेंज़ ने चीनी मुस्लिमों की परिस्थितियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चीन के इन रीएजुकेशन कैंप्स में कई हजार मुसलमानों को जबरन रखा गया है। शिनजियांग प्रांत के इस कैंप में लगभग 1 करोड़ 10 लाख मुस्लिम हैं जिनकी कुल आबादी 2 करोड़ 10 लाख है। और आश्चर्यजनक बात तो यह है कि इस जनसंख्या में से अधिकतर संख्या युवा मुसलमानों की है।

उईगुर मुस्लिम हैं प्रताडना का शिकार

शिनजियांग में रहने वाले उईगुर मुसलिम समुदाय पर चीनी प्रशासन ने आतंक फैलाने का आरोप लगाया है जिसके तहत उन पर कई पांबदियां भी थोप दी गई हैं। पिछले साल सितंबर में ही  इन लोगों को प्रांतीय अधिकारियों ने आगार किया था कि उन्हें कुरान, नमाज पढ़ने वाली चटाई सहित सभी धार्मिक चीजें सौंपनी पडेंगी वरना उन्हीं कडी सजा भुगतनी पडेगी। समरकंद के मुताबिक, करामागे गांव स्थित रिएजुकेशन कैंप में लगभग 5 हजार 700 लोगों को जबरन बंधक बनाया गया है जिनमें अधिकतर संख्या कजख और उईगुर समुदाय की हैं। इनमें से 200 लोगों धार्मिक चरमपंथ के आरोप में बंधक बनाया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here