चीन के वैज्ञानिकों ने 30 हजार पक्षियों की जान बचाने के लिए निकाला एक अनोखा तरीका

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जयपुर। दुनियाभर के वैज्ञानिक नए—नए आविष्कार करते जा रहे है। लेकिन वो शायद मानवता के मुताबिक ही इनका विकास करते है। उनको इस बात का पता ही नही रहता है कि उनके द्वारा किये गये इस विकास के कारण पक्षियों पर क्या प्रभाव होगा। रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि हर साल मानव निर्मित साधनों के शोरगुल के कारण 30 हजार पक्षियों की मौत हो जाती है। लेकिन हाल ही में चीन ने कुछ ऐसी चीज का अविष्कार किया है, जिसमें पक्षियों की मौत को ध्यान में रखते हुए चीन के गुआंगदोंग प्रांत के जिआंगमेन में दुनिया का पहला हाई स्पीड रेल नॉइज बैरियर बनाया गया है।जिसकी लंबाई दो किलोमीटर है। इस बैरियर को 355 किलोमीटर लंबे जिआंगमेन-झांजिआंग हाई स्पीड रेलवे ट्रैक पर तैयार किया गया है। इस ट्रेक को इस प्रकार तैयार किया गया है कि ट्रेन का शोध इस ट्रेक से बाहर नहीं जा पायेगा। दरअसल वैज्ञानिकों का इस बैरियर को तैयार करने का मकसद 30 ​हजार पक्षियों को बचाना है। ऐसा इसलिए होता है क्यों​कि इस रेल बेरियर से वेटलैंड की दूरी 800 मीटर है। यहां पर एक छोटा सा टापू है, जिसमें एक बरगद का पेड़ लगा है। इस बरगद के पेड़ पर सैकड़ों पक्षियों के घोसले हैं। कुछ साल पहले ही यहा से रेलवे ट्रेक बनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन लोगों ने इसका विरोध इसलिए किया क्योंकि रेल के शोर के कारण टापू पर रहने वाले पक्षियों की जान को खतरा है। इसलिए वैज्ञानिकों ने इस समस्या का हल निकालने के लिए ही इस रेल बैरियर का निर्माण किया है। जिसकों बनाने में तीन साल लग गये और 192 करोड़ रूपये की लागत आयी। दरअसल हर साल ऐसे ही शोरगुल के कारण हजारों पक्षियों की जान चली जाती है और इनकी मौतों पर किसी का ध्यान भी नहीं जाता है। इस बैरियर का मकसद यही है कि पक्षियों की जान बच सके और इसके साथ ही लोगों को शोर से पक्षियों की होने वाली मौत का पता हो सके।

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