अब अमेरिका में खुफिया एजेंसी के पूर्व अफसरों से जासूसी करवा रहा है चीन

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जयपुर। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक करों और अन्य कई कारणों से उपजा विवाद किसी से भी छिपा नहीं रहा है। इस बीच अमेरिका और चीन ने आपसी विवाद को एक ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां इनमें कोई भी एक-दूसरे के सामने झुकने को तैयार नहीं है। अगर बात करें अमेरिका की तो वह सीधे तरीके से सारे समाधान निकालने पर यकीन करता है लेकिन दक्षिण एशिया में चीनी रणनीतियों से अनुमान लगा सकते हैं कि चीन अपनी मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इस बात की पुष्टि हालिया घटना करती है।

हालिया खबरों की मानें तो चीनी खुफिया विभाग के पूर्व ऑफिसर को अमेरिका में जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस चीनी अधिकारी की खुद एफबीआई द्वारा की गई, जिसके बाद मंगलवार को सिएटल कोर्ट ने आरोपों को अपराध में बदला दिया गया। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि अमेरिकी से गुप्त सूचनाएं भेजने के लिए 58 वर्षीय रॉन रॉकवेल हानसेन को चीनी प्रशासन पहले ही आठ लाख का भुगतान कर चुका था।

जानकारी के लिए बता दें कि चीनी खुफिया एजेंसी के इस ऑफिसर की गिरफ्तारी शनिवार को इस समय की गई, जब वह सिएटल एयरपोर्ट से चीन की फ्लाइट पकडने वाला था। शुरुआती जांच-पडताल में सामने आया है कि यह चीनी ऑफिसर उटाह का निवासी है जिस पर अमेरिकी रक्षा से संबंधित जानकारियां जुटाने और उसका दूसरे देश के साथ सौदा करने का आरोप है। इतना ही नहीं, इस चीनी ऑफिसर पर कैश स्मगलिंग औऱ अन्य 15 मामलो में भी वृमुकदमा दायक किया गया है। जिके बाद अगर ये सभी आरोप सच साबित होते हैं तो उसे उम्र कैद की सजा सुनाई जा सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका में रक्षा संबंधी जानकारियों जुटाने के लिए कई चीनी नागरिकों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इस मामले में नेशनल सिक्युरिटी डिविजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन डेमेर्स ने इस चीनी ऑफिसर की गतिविधियों को धोखा करार दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो चीनी ऑफिसर हानसेन अमेरिकी सेना को सिग्नल इंटेलिजेंस के लिए काम कर चुका है। जिसके बाद 2006 में उसकी नियुक्ति डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी में की गई और विदेशी खुफिया एजेंट्स की भर्ती के साथ-साथ प्रबंध करने का जिम्मा सैंपा गया।

उसके खिलाफ कोर्ट में दायर चार्टशीट के मुताबिक, 58 वर्षीय रॉन रॉकवेल हानसेन को चीन की मैंडरिन भाषा और रूसी भाषा की बहुत अच्छी समझ है, जिसके चलते वह जासूसी गतिविधियों को अंजाम देता आया है। वहीं कोर्ट को सूचित करते हुए न्याय विभाग ने बताया कि चीनी ऑफिसर हानसेन 2013 से लेकर 2017 के बीच कई बार अमेरिका से चीन के लिए यात्रा कर चुका है। अपना रियारमेंट का बाद भी उसने खुफिया जानकारियों का सौदा करना नहीं छोडा।

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