बच्चों को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अच्छा माहौल देना आवश्यक

0
838

बच्चों को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अच्छा माहौल देना आवश्यक है क्योंकि इससे उनके व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास होता है। प्रख्यात शिक्षाविद् एससी शर्मा ने बुधवार को यह बात कही।

मिलेनियम सिटी में स्थित आईबीएस गुड़गांव के निदेशक शर्मा ने कहा कि अच्छी नौकरी के लिए अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्थान का खासा महत्व है, लेकिन छात्र के अंदर छिपी प्रतिभा, उसकी रुचि

को जानना भी बेहद आवश्यक है क्योंकि इससे उसे आसान तरीके से समझाया जा सकता है। इसके बाद ही शिक्षा के माध्यम से किसी भी छात्र का पूर्ण विकास सम्भव है।

शर्मा ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संवादादाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही।

इस कार्यक्रम में छात्रों के एक्ट प्रस्तुत किए, जिन्हें सबने सराहा। वातावरण प्रदूषण, महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज और आज के समय में विद्यमान समस्याओं के साथ मनोरंजक अंदाज में भ्रष्टाचार के ईद-गिर्द बुना एक्ट प्रस्तुत किया गया।

संस्थान की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उनके कॉलेज के माध्यम से गुड़गांव में 100 फीसदी प्लेसमेंट हुई है। शर्मा ने बताया कि आईबीएस गुड़गांव मिलेनियम सिटी में कार्पोरेट जगत के बीचों-बीच स्थित है, जहां उद्योग जगत के अग्रणी ब्रांड्स मौजूद हैं। इससे छात्रों को अपनी कक्षा से प्राप्त होने वाले ज्ञान को व्यावहारिक नीतियों के साथ जोड़ने का शानदार अवसर प्राप्त होता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदो बच्चो की मां करिश्मा ने फिर लिया दुल्हन अवतार, क्या करने जा रही है शादी
Next articleअब नई गाड़ियों में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स के लिए नही करना होगा इंतजार, हो सकते है ये बदलाव
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here