Bengal के चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री

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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बिप्लब कुमार देब पश्चिम बंगाल में चुनाव संबंधी कई कार्यक्रमों और रैलियों में शामिल होंगे। अधिकारियों और पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा कि बंगाल में अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान देब चुनावी राज्य के उत्तर 24 परगना जिले में मंगलवार और बुधवार को कई रोड शो, रथ यात्रा और चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

देब ने हाल ही में दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को इस बार हार का मुंह देखना होगा और उनकी पार्टी सत्ता में आएगी। देब जनवरी 2015 से पिछले साल 15 जनवरी तक भारतीय जनता पार्टी की त्रिपुरा राज्य समिति के अध्यक्ष थे। उनके बाद दंत चिकित्सक से राजनेता बने माणिक साहा को राज्य पार्टी प्रमुख बनाया गया।

49 वर्षीय भगवा पार्टी के नेता देब नौ मार्च, 2018 को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बने थे।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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