छत्तीसगढ़ : पत्नी और बच्चों की हत्या कर पति फरार

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के चकरभाठा इलाके में शुक्रवार को एक घर में तीन शव मिले, जिसमें एक महिला और दो बच्चे हैं। वार्ड नंबर-7 के सत्तर खोली में सुबह लोगों ने इन शवों को देखा।

चकरभाठा थाना प्रभारी कलीम खान ने बताया कि 27 खोली में अमजद खान नामक एक व्यक्ति अपने पूरे परिवार के साथ रहता था। घर में उसकी पत्नी और दो बच्चे थे। शुक्रवार सुबह उसकी पत्नी फरिया, बेटी सोनी और बेटा अफजल का शव घर में मिला। हत्या गला रेत कर और धारदार हथियार से की गई है। उस समय पति अमजद घर पर मौजूद नहीं था।

उन्होंने कहा कि पतासाजी करते हुए ये स्पष्ट हो गया कि अमजद ने पत्नी और बच्चों की हत्या की है। आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। यह परिवार मनिहारी का सामान बेचने का काम करता था। इस परिवार के बीच किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं था। आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद ही मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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