छत्तीसगढ़ चुनाव : कांग्रेस की अंतिम सूची में 19 नाम

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कांग्रेस की ओर से यहां गुरुवार को आखिरी सूची जारी हुई। कांग्रेस ने 19 नामों की घोषणा की। एक विधानसभा सीट पर प्रत्याशी का नाम परिवर्तित किया है। कांग्रेस ने पहले दुर्ग ग्रामीण से प्रतिमा चंद्राकर को टिकट दी थी, लेकिन अब ओबीसी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दुर्ग के सासंद ताम्रध्वज साहू को प्रत्याशी बनाया गया है। आज जारी सूची में लैलूंगा से चक्रधर प्रसाद सिदार, रायगढ़ प्रकाश नायक, कोटा विभोर सिंह, बिल्हा राजेंद्र शुक्ला, बिलासपुर शैलेश पाण्डेय, जैजैपुर अनिल कुमार चंद्रा, बसना देवेंद्र बहादुर सिंह, धरसीवां अनिता शर्मा, रायपुर उत्तर कुलदीप जुनेजा, रायपुर दक्षिण कन्हैया अग्रवाल, कुरूद लक्ष्मीकांत साहू, धमतरी गुरुमुख सिंह होरा, संजारी बालोद संगीता सिन्हा, गुंडरदेही कुंवर सिंह निशाद, दुर्ग ग्रामीण से ताम्रध्वज साहू, वैशाली नगर बदरूद्दीन कुरैशी, बेमेतरा से आशीष छाबड़ा, नवागढ़ से गुरुदयाल सिंह बंजारे, पंडरिया ममता चंद्राकर का नाम है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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