शतरंज : शतरंज इंडिया में वेस्ली से मुकाबला करेंगे आनंद

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पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद शुक्रवार से यहां शुरू होने जा रहे टाटा स्टील शतरंज इंडिया-2018 में अमेरिका के वेस्ली सो से मुकाबला करेंगे। आनंद ने टूर्नामेंट के ड्रॉ से इतर कहा, ” वापस कोलकाता में होना अच्छा अहसास है। यहां मेरी काफी यादें हैं और मैं इसे लेकर उत्साहित हूं।”

48 वर्षीय आनंद ने 1992 में तीसरे गुडरिक ओपन में आखिरी बार यहां खेला था। उन्होंने भारत में अपना आखिरी मुकाबला 2013 में खेला था जहां उन्हें मेगनस कार्लसन के हाथों विश्व चैम्पियनशिप खिताब में हार का सामना करना पड़ा था।

भारत के नंबर-2 और पूर्व विश्व जूनियर चैम्पियन पेंटला हरिकृष्णा स्थानीय खिलाड़ी सूर्य शेखर गांगुली के खिलाफ मुकाबले में उतरेंगे।

गांगुली ने कहा कि वह पहली बार आनंद के खिलाफ मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे 1992 में यहां मैच के दौरान आनंद के डेमो बोर्ड याद है। यह अजीब बात है लेकिन मैं पहली बार उनके खिलाफ असली बोर्ड पर खेलूंगा।”

40,000 अमेरिकी डालर की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में शीर्ष-10 रैंकिंग में तीन खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा जिसमें अजरबैजान जीएम और विश्व नंबर तीन शखरीयार ममेदिरोव शामिल हैं। मेमेदिरोव जो दूसरे बोर्ड में भारत के नंबर तीन विदित गुजराती के खिलाफ खेलेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं किसी भी तरह के दबाव में नहीं हूं। मैं अपना रेटिंग भूलकर स्वभाविक खेल खेलूंगा। मुझे लगता है कि यह सात-आठ खिलाड़ियों के साथ एक खुला क्षेत्र है।”

टूर्नामेंट में छह भारतीय और पांच विदेशी ग्रैंडमास्टर शामिल हैं जिनमें निहाल सरीन और प्रगननंद रमेशबाबू को वाइल्ड कार्ड से प्रवेश मिला है और ये क्रमश : रेपिड और ब्लिट्ज प्रारूपों में भाग लेंगे।

टूर्नामेंट के पहले तीन दिन सभी नौ राउंडों में रेपिड शतरंज होगा और इसके बाद सोमवार को एक आराम दिन के बाद राउंड रोबिन आधार पर मुकाबले खेले जाएंगे।

अंतिम चरण में 14 नवंबर को डबल राउंड रॉबिन ब्लिट्ज के मुकाबले होंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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