नेशनल कार्टिग चैम्पियनशिप में चेन्नई के निर्मल की बढ़त बरकरार

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चेन्नई के निर्मल उमाशंकर ने रविवार को मेको काटरेपिया में एक और शानदार प्रदर्शन के दम पर यहां आयोजित जेके टायर-एफएमएससीआई नेशनल कार्टिग चैम्पियनशिप के एक्स-30 क्लास में अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया है।

जेकेएनआरसी के यूरो जेके कटेगरी के मशहूर चालक निर्मल को सीनियर कटेगरी में कोई चुनौती देने वाला नहीं था। दिन में आयोजित सभी चार रेसों में वह अव्वल रहे और अपने खाते में 40 अंक डाले। वह दो राउंड के बाद कुल 76 अंक लेकर पहले स्थान पर बने हुए हैं।

दिल्ली के देबारुन बनर्जी ने चार में दो रेसों में दूसरा स्थान हासिल किया लेकिन अगले दो रेसों में वह क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। वह दो राउंड के बाद 49 अंक जुटा सके हैं। सीनियर कटेगरी में चालकों की सूची में वह दूसरे स्थान पर हैं।

आगरा के शाहान अली मोहसीन ने लीडरबोर्ड पर सातवें स्थान से शुरूआत की और कुल 22 अंक अपनी झोली में डाले। वह तीन तीन रेसों में तीसरे स्थान पर रहे। उनके खाते में 32 अंक हैं और वह चालकों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

जूनियर कटेगरी में बेंगलोर के रुहान आल्वा ने बाजी मारी। चार में से तीन रेस में पहले स्थान पर आने के साथ रुहान ने कुल 34 अंक अपनी झोली में डाले और कुल 57 अंकों के साथ चालकों की सूची में पहले स्थान पर बने हुए हैं।

रुहान के ही शहर के अर्जुन नायर ने एक रेस जीती और दो में दूसरे स्थान स्थान पर रहे। अर्जुन के खाते में 27 अंक आए और वह 51 अंकों के साथ चालकों की सूची में दूसरे स्थान पर काबिज हैं।

सीनियर कटेगरी की तरह जूनियर कटेगरी में भी शाहान अली ने 38 अंकों के साथ तीसरा स्थान बना रखा है। वह दो रेसों में दूसरे और दो में तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि राउंड-1 के लीडर मिहिर सुमन अल्वालाकी के लिए यह दिन अच्छा नहीं रहा और वह 23 अंक लेकर चालकों की सूची में चौथे स्थान पर चल रहे हैं।

कैडेट कटेगरी में बैंगलोर के ही इशान महेश ने परफेक्ट 40 अंक जुटाए और कुल 77 अंकों के साथ पहले स्थान पर चल रहे हैं। युवा श्रीया लोहिया (पुणे) के खाते में कुल 52 अंक हैं और वह इशान को अधिक चुनौती नहीं दे सके। तीसरे स्थान पर साई शिवा माकेश शंकर हैं, जिनके खाते में कुल 45 अंक हैं।

कैडेट कटेगरी में सबसे युवा चालक पुणे के अराफात शेख ने भी अपना हुनर दिखाते हुए कुल 12 अंक बटोरे और यह दिखाया कि आने वाले समय में वह एक अच्छे चालक के रूप में सामने आएंगे।

परिणाम :

कैडेट श्रेणी :

1. ईशान मधेश (बैंगलोर) 77 अंक; 2. श्रीया लोहिया (पुणे) 52 अंक; 3. साईं शिव मकेश शंकरन (पुणे) 45 अंक

जूनियर वर्ग :

1. रुहान अल्वा (बैंगलोर) 57 अंक; 2. अरुण एस नायर (बैंगलोर) 51 अंक; 3. शाहन अली मोहसिन (आगरा) 38 अंक

सीनियर वर्ग :

1. निर्मल उमाशंकर (चेन्नई) 76 अंक; 2. देबारुन बनर्जी (दिल्ली) 49 अंक; 3. शाहन अली मोहसिन (आगरा) 32 अंक

न्यूज स्त्रोत आईएएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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