आने वाले दिनों में नगरों में दिखेगा का बदलाव : नायडू

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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा है कि शहर आर्थिक विकास के वाहक हैं और लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं के साथ आने वाले दिनों में देश के नगरों में बदलाव देखने को मिलेगा। नायडू ने कहा कि शहरों में रहने वाले लोगों के सभी वर्गों को पर्याप्त आवास व अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
वह यहां नौरोजी नगर में वल्र्ड ट्रेड सेंटर की आधारिशला रखने के बाद एक जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है क्योंकि लाखों लोग बेहतर जीवन स्तर की ख्वाहिश रखते हैं। इसके फलस्वरूप आने वाले दिनों में शहरों और नगरों में बदलाव दिखेगा।”
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप एस. पुरी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि शहरी बुनियादी ढांचों में सुधार के लिए शहरीकरण के प्रति समग्र ²ष्टिकोण अपनाए जाने का कार्य प्रगति पर है।
इस मौके पर आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा एवं एनबीसीसी के सीएमडी भी मौजूद थे।
पुरी ने कहा, ” प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के दूरदर्शी विजन को साकार करने की दिशा में हमारी यात्रा का यह एक निर्भीक कदम है। नए भारत के साथ विश्व स्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण, ऊर्जा-प्रचुर समाधान, उन्नत व्यापार और अवसरों का सृजन करते हुए राष्ट्र के टिकाऊ और समावेशी विकास का सपना जुड़ा हुआ है।”
न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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