Chaiti chhath puja 2021: 16 अप्रैल से शुरू हो रही चैती छठ पूजा, जानिए व्रत नियम और महत्व

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हिंदू धर्म में व्रत त्योहारों को विशेष महत्व दिया जाता हैं वही छठ को आस्था का महापर्व बताया गया हैं यह पर्व मुख्य रूप से बिहार में मनाया जाता है इसके साथ ही इस त्योहार की धूम देश से लेकर विदेश में भी दिखाई पड़ती हैं छठ का महापर्व कार्तिक मास में तो धूमधाम के साथ मनाते ही हैं इसके अलावा चैत्र मास में भी छठ व्रत किया जाता हैं इस बार चैती छठ 16 अप्रैल से आरंभ होने जा रहा हैं इस तरह से आस्था का महापर्व छठ साल में दो बार आता हैं यह पूर्व पूरे चार दिनों तक मनाया जाता हैं इसमें महिलाएं करीब 36 घंटे का उपवास करती हैं इसलिए यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता हैं चार दिनों तक लगातार पूजा और व्रत करने के कारण इसे महापर्व कहा जाता हैं तो आज हम आपने इस लेख द्वारा आपको चैती छठ पूजा के महत्व और नियम बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।

चैत्र छठ का महत्व—
हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक छठी माता भगवान सूर्य की मानस बहन हैं इसलिए छठ के व्रत में छठी मईया और सूर्य नारायण की पूजा करने का विधान होता हैं यह व्रत महिलाओं के द्वारा अपी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए किया जाता हैं मान्यता है कि छठी मईया संतान की रक्षा करती हैं सूर्य देव की पूजा से आरोग्यता का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं। बता दें कि चैती छठ का महापर्व 16 अप्रैल 2021 से शुरू होगा जो 19 अप्रैल 2021 तक चलेगा। छठ का पर्व शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 16 अप्रैल 2021 से शुरू होगा। इस दिन नहाय खाय किया जाएगा। इस व्रत में साफ का बहुत ध्यान रखा जाता हैं नहाय खाय के दिन पूरे घर की सफाई की जाती हैं और स्नान करके व्रत का संकल्प लिया जाता हैं चने की सब्जी, चावल साग खाया जाता है और अगले दिन खरना से व्रत शुरू हो जाता हैं।

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