कैंडी क्रश के डेवलपर के सीईओ ने इस्तीफा दिया

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लोकप्रिय मोबाइल गेम एप ‘कैंडी क्रश सागा’ के डेवलपर किंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रिकाडरे जकोनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसकी मूल कंपनी ‘एक्टिविजन ब्लिजार्ड’ ने यह जानकारी दी।

फाइनेंशियल टाइम्स की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, ‘एक्टिविजन ब्लिजार्ड’ के अधिग्रहण वाली ‘किंग’ के सह-संस्थापक जकोनी इसके चेयरमैन बनेंगे।

गेम डेवलपर की लगभग 16 सालों तक अगुआई करने वाले इतालवी उद्योगपति जकोनी अपने पद से एक जुलाई को इस्तीफा देंगे।

सीएनईटी के अनुसार, हालांकि ‘किंग’ और ‘एक्टिविजन ब्लिजार्ड’- दोनों के प्रबंधन को मार्गदर्शन करने के लिए ‘किंग’ के चेयरमैन के पद पर बने रहेंगे।

इसकी मूल कंपनी ‘एक्टिविजन ब्लिजार्ड’ पहले से ही सबसे बड़े गेम पब्लिशर्स में से थी जब 2016 में इसने ‘किंग डिजिटल’ को 5.9 अरब डॉलर में खरीदा था।

‘कैंडी क्रश’ गेम आज तक के सबसे ज्यादा लाभ अर्जित करने वाले स्मार्टफोन एप्स में से है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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