केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70000 करोड़ रुपये डालेगी

0
48

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालेगी, जिससे वे अतिरिक्त कर्ज मुहैया करा पाएंगे। वर्तमान में देश की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ताहाल है, जिसके कारणों में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की उच्च दरें, किसानों की बदहाली (खेती से कमाई घटने), मजदूरी की दर (बढ़ने की बजाए) स्थिर रहने, और बाजार में तरलता (नकदी) की कमी प्रमुख हैं।

इसके अलावा, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) को तरलता का संकट होने के कारण वाहन क्षेत्र समेत अन्य पूंजीगत वस्तुओं की खरीद प्रभावित हो रही है और ये क्षेत्र संकट में हैं।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी तुरंत डाली जा रही है, ताकि वे अतिरिक्त कर्ज मुहैया करा सकें। इस कदम से सरकारी बैंक पांच लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर्ज मुहैया करा पाएंगे।

उन्होंने आगे घोषणा की कि सरकारी बैंकों ने रेपो रेट से जुड़े कर्ज उत्पाद पेश करने का फैसला किया है।

सरकारी बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि कर्ज की रकम वापस लौटाने के 15 दिनों के अंदर ग्राहकों को कर्ज के दस्तावेज वापस लौटाने होंगे।

न्यूज स्त्रात आईएएनएस


SHARE
Previous articleबीएसएफ अधिकारी और उनकी पत्नी विदेशी घोषित
Next articleपेटीएम मनी ने एनएफओ ग्राहकी शुरू की
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here