केंद्र जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट प्रतिबंध पर जवाब दाखिल करें : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने एक एनजीओ द्वारा केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ दायर एक अवमानना याचिका पर केंद्र को गुरुवार को एक काउंटर एफिडेविट (प्रति-हलफनामा) दाखिल करने के लिए कहा। केंद्रशासित प्रदेश में 4 जी स्पीड इंटरनेट पर प्रतिबंधों की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति का गठन न करने के मामले में अवमानना याचिका दायर की गई थी। न्यायमूर्ति एन वी रमण की अगुवाई वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने केंद्र से कहा कि वह क्षेत्र में 4 जी इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने के आदेशों की समीक्षा से संबंधित केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति द्वारा लिए गए फैसले के संबंध में एक हलफनामा दायर करे।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने अवमानना याचिका पर कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया।

अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने अदालत के सामने कहा कि कोई अवमानना नहीं की गई है क्योंकि विशेष समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है। न्यायमूर्ति रमण ने हालांकि सवाल किया कि सार्वजनिक क्षेत्र में फिर क्यों कुछ नहीं है।

शीर्ष अदालत ने केंद्र को एक प्रति-हलफनामे में सब कुछ बताने और एक सप्ताह के भीतर दाखिल करने को कहा।

जब अटॉर्नी जनरल ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि इस क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधि की घटनाओं में वृद्धि हुई है, याचिकाकर्ता (फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स) का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने केंद्रीय गृह मंत्री के साक्षात्कार का हवाला दिया, जिसमें अमित शाह ने कहा था कि धारा 370 निरस्त करने के बाद और 1990 के बाद से आतंकवाद जम्मू एवं कश्मीर में सबसे कम है।

वकील ने भाजपा नेता राम माधव के एक लेख का भी हवाला दिया, जो जम्मू-कश्मीर के लिए वातार्कारों में से एक है, लेख में कहा गया कि कई प्रतिबंधों को हटाने का समय आ गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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