हैदराबाद में आईटीआईआर के लिए केंद्र नहीं कर रहा मदद : केटीआर

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तेलंगाना के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के.टी. रामाराव ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने हैदराबाद में सूचना प्रौद्योगिकी एवं निवेश क्षेत्र (आईटीआईआर) के लिए एक रुपये की भी मंजूरी नहीं दी है। के.टी. रामाराव (केटीआर) ने विधानसभा को बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने पहले की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग-2) सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजना के लिए कोई सहायता नहीं दी है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में तत्कालीन सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और वित्तमंत्री अरुण जेटली से बैठकों के दौरान अनुरोध किया गया। इसके अलावा राज्य की ओर से भी पत्र भेजे गए। मगर बार-बार अनुरोध के बावजूद केंद्र ने धन मुहैया नहीं कराया।

केटीआर ने कहा कि संप्रग-2 सरकार ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से ठीक पहले हैदराबाद और बेंगलुरू में एक-एक आईटीआईआर सहित कुल पांच आईटीआईआर स्थापित करने की घोषणा की थी, मगर परियोजना के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया था।

उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों की भी कड़ी आलोचना की, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र को अपेक्षित जानकारी नहीं दी है, जिस कारण आईटीआईआर में देरी हुई।

केटीआर ने कांग्रेस नेताओं से पूछा कि कर्नाटक में उनकी अपनी सरकार है, फिर क्यों वे बेंगलुरू में आईटीआईआर स्थापित करने में विफल रहे?

मंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा आईटीआईआर के लिए केंद्र से धन नहीं मिलने के बावजूद आईटी क्षेत्र में तेलंगाना का विकास रुका नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सरकार की कारगर नीतियों के कारण इस क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा, “तेलंगाना में आईटी क्षेत्र से होने वाला निर्यात पिछले पांच सालों से राष्ट्रीय औसत आठ से नौ फीसदी के मुकाबले 17 फीसदी से अधिक तेजी से बढ़ रहा है।”

केटीआर ने कहा कि राज्य में 2018-19 के दौरान लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये का आईटी निर्यात हुआ है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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