यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सीबीएस चेयरमैन का इस्तीफा

0
58

अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्क सीबीएस के चेयरमैन व मुख्य कार्यकारी लेस्ली मूनवेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद इस्तीफा दे दिया है। समाचार पत्र ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के मुताबिक, कंपनी ने रविवार देर शाम एक बयान में यह घोषणा की।

बयान में कहा गया कि सीबीएस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जोसेफ इयानिएल्लो अंतिरम सीईओ और अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। कंपनी मूनवेस के स्थाई विकल्प की तलाश कर रही है। इस घोषणा के साथ मूनवेस का 20 साल के कार्यकाल का अंत हो गया।

जुलाई में ‘द न्यूयॉर्कर’ पत्रिका में छह महिलाओं ने मीडिया जगत की जानी-मानी हस्ती द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने की बात कही थी, जिसके बाद बोर्ड ने मामले की जांच के लिए बाहरी वकीलों को रखा और उन्हें पद से हटाने संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

न्यूयॉर्कर की रिपोर्ट की प्रतिक्रिया में सीबीएस के प्रवक्ता ने रविवार को समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट को बताया, “सीबीएस इन आरोपों को गंभीरता से लेता है। हमारे निदेशक मंजल इन मामलों की पूरी जांच कर रहे हैं, जो अभी चल रही है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleअपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार इस प्रोजेक्ट में साथ नजर आएंगे फरहान, जाने खबर
Next articleकेरल में तेल की बढ़ी कीमतों के विरोध में बंद
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here