सीबीआई ने संदिग्ध नकद लेनदेन मामले में तब्लीगी जमात के खिलाफ पीई दर्ज की

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तब्लीगी जमात और उसके मुखिया मौलाना साद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने तब्लीगी जमात के आयोजकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने तब्लीगी जमात के आयोजकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक शिकायत के बाद पीई दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आयोजक और संगठन के ट्रस्टी अवैध या अनुचित तरीकों से संदिग्ध विदेशी धन और नकद लेनदेन में लिप्त रहे हैं।

सूत्रों ने यह भी कहा कि तब्लीगी जमात ने अधिकारियों को विदेशी धन की प्राप्ति का खुलासा नहीं किया। एंजेसी की ओर से विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन करते हुए प्राप्त धन की जांच करने के संबंध में पीई दर्ज की गई है। इस साल अप्रैल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमात प्रमुख मौलाना साद, तब्लीगी जमात और अन्य से जुड़े ट्रस्टों के खिलाफ धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत धन शोधन का मामला दर्ज किया था।

धोखाधड़ी के मामले में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया प्रारंभिक जांच (पीई) से ही शुरू की जाती है। अगर पीई में जांच के लिए कोई ठोस आधार मिलता है तो पीई को एफआईआर में तब्दील कर दिया जाता है।

ईडी तब्लीगी जमात और उसके पदाधिकारियों के वित्त और लेनदेन पर काम कर रही है और उसने बैंकों व वित्तीय खुफिया एजेंसियों से विभिन्न दस्तावेज भी प्राप्त किए हैं। एजेंसी द्वारा दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई एक प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।

सीबीआई द्वारी की गई इस कार्रवाई से एक दिन पहले ही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तब्लीगी जमात मामले में 12 नए आरोप पत्र दायर किए थे। इनमें 541 विदेशी नागरिकों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट तान्या बेमनीवाल के समक्ष 12,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की गई है। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के लिए 29 जून की तारीख तय की है।

अब तक अपराध शाखा ने मामले में 900 से अधिक विदेशी नागरिकों का नाम शामिल किए हैं। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेशों के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन पर वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया गया है। सरकार ने उनका वीजा रद्द कर दिया है और उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

न्यजू स्त्रो आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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