सीबीआई ने आईपीएस अधिकारी अर्नब घोष से पूछताछ की

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करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को आईपीएस अधिकारी अर्नब घोष से दो लापता वस्तुओं-लाल डायरी व एक हार्ड डिस्क को लेकर पूछताछ की। यह दोनों वस्तुएं घोटाले के पीछे की बड़ी साजिश व इसमें प्रभावी लोगों की भूमिका का खुलासा करने को लेकर काफी महत्वपूर्ण हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। घोष विशेष जांच दल (एसआईटी) में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। विशेष जांच दल ने घोटाले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने से पहले इसकी जांच की थी। सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ताओं ने घोष से यह भी पूछा कि जांच के संदर्भ में उन्हें किसने सभी निर्देश दिए।

लाल डायरी व हार्ड डिस्क स्पष्ट तौर पर शारदा ग्रुप के मिडलैंड पार्क ऑफिस से एसआईटी द्वारा जांच के शुरुआती दिनों में जब्त किए गए थे। विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के बीच से इस टीम के गठन के बाद यह जांच शुरू की गई थी।

घोष सुबह सीजीओ कांप्लेक्स में सीबीआई के ऑफिस पहुंचे। उनसे दो घंटे पूछताछ की गई।

घोष उस समय कमिश्नरेट में डिप्टी कमिश्नर (डिटेक्टोव विभाग) थे। घोष ने सीधे तौर पर मामले को संभाला और निचले स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने मामले के संबंध में नियमित तौर पर मीडिया को जानकारी दी।

तत्कालीन बिधाननगर पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार ने एसआईटी का नेतृत्व किया था। राजीव कुमार भी सीबीआई के जांच के दायरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में शारदा मामले की जांच को सीबीआई को सौंपा था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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