GST के मौजूदा स्वरूप के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगा कैट

0

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने घोषणा की है कि मौजूदा जीएसटी प्रणाली के खिलाफ वो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। उसका कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान जब भारत का खुदरा व्यापार दोबारा स्थापित करने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में जीएसटी कर प्रणाली में कई मनमाने संशोधनों के कारण इसका स्वरूप विकृत हो गया है और अब यह देश भर के व्यापारियों के जी का जंजाल बन गया है।

इस तरह के संशोधनों का कड़ा विरोध करते हुए कैट ने कहा है कि आगामी 8 से 10 फरवरी तक नागपुर में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन के भविष्य का रूप तय किया जाएगा। देश भर के लगभग 200 प्रमुख व्यापारी नेता सम्मेलन में भाग लेंगे।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि देश का व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके विभिन्न दूरदर्शी कार्यक्रम के लिए बहुत सम्मान करता है, लेकिन यह बेहद खेदजनक है कि केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन व्यापारियों के लिए एक बड़ा दर्द बन गया है जिसमें विशेष रूप से देश में जीएसटी की वर्तमान जटिल स्थिति उसके मूल सिद्धांतों का अत्यधिक उल्लंघन है।

कैट ने जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों के खिलाफ एक आक्रामक राष्ट्रीय आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है और इसलिए, 8 से 10 फरवरी तक राष्ट्रीय व्यापारी नेता इस आंदोलन की रूप रेखा घोषित करेंगे।

भरतिया और खंडेलवाल ने बताया कि जीएसटी के अलावा कैट के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में ई-कॉमर्स व्यापार और प्रस्तावित ई-कॉमर्स नीति, महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने, मुद्रा योजना का मूल्यांकन, व्यापारियों के लिए वित्त की आसान उपलब्धता, 28 प्रकार के लाइसेंसों के स्थान पर एक लाइसेन्स, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में व्यापारियों की भूमिका, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अधिकारियों को दी गई मनमानी शक्तियां, लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन, खुदरा व्यापार के लिए राष्ट्रीय व्यापार नीति, राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर ट्रेड बोर्ड का गठन, डिजिटल भुगतानों की स्वीकृति, खुदरा व्यापार के मौजूदा प्रारूप का डिजिटलीकरण, आपूर्ति श्रृंखला में एफएमसीजी कंपनियों द्वारा की जा रही विकृतियां जैसे विषयों पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी और भविष्य के लिए रूपरेखा तय होगी ।

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि खुदरा व्यापार लगातार उपेक्षित रहा है, हालांकि यह 80 लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रहा है और देश में 8 करोड़ व्यापारी 40 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहे हैं। कैट ने देश में खुदरा व्यापार परि²श्य को बदलने के लिए इन मुद्दों पर आक्रामक रूप से निर्णय लेने का फैसला किया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleसंजीदा शेख का जबरदस्त फोटोशूट सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
Next articleBaby Selling in Mumbai: बच्चों को बेचने और खरीदने के रैकेट का पर्दाफाश, डॉक्टर सहित 9 गिरफ्तार….
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here