भारत में गूगल पे को आगे बढ़ाने के लिए कैशबैक का सहारा

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भारत में अपने भुगतान प्लेटफॉर्म ‘गूगल पे’ को आगे बढ़ाने के लिए ‘गूगल कंपनी’ एंड्रॉइड ऐप पर ‘कैशबैक’ प्रोत्साहन की पेशकश करने की योजना बना रही है।

‘प्रोजेक्ट क्रूजर’ कोडनेम की इन-ऐप ‘एंगेजमेंट रिवार्डस प्लेटफॉर्म’ पिछले साल से इस पर काम कर रही है और इसका नेतृत्व गूगल की ‘नेक्स्ट बिलियन यूजर्स’ टीम कर रही है।

टेकक्रंट ने शुक्रवार को कहा, “गूगल पे का उपयोग व्यवसायों और उपयोगकर्ताओं के बीच लेनदेन के लिए किया जाएगा, जिससे गूगल की भुगतान सेवा की पहुंच का विस्तार होगा। कंपनी के कार्यकारी अधिकारियों ने हाल के महीनों में भारत में कई व्यवसायों को बोर्ड पर आने के लिए तैयार किया है।”

योजना के हिस्से के रूप में, ‘खोज-इंजन’ की दिग्गज कंपनी लोगों को अपने एंड्रॉइड ऐप को अपडेट करने एक दोस्त को संदर्भित करने के लिए या दोनों को गूगल पे पर एक विशिष्ट राशि तक जीतने के लिए प्रोत्साहित करेगी।”

गूगल ने डेवलपर्स को बताया है कि ऐप पर सभी पुरस्कार गूगल पे के माध्यम से ही प्राप्त किए जाएंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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