इस तरह संवारे ग्रह, नक्षत्रों में अपना करियर

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जयपुर। युवा अपने करियर को नयी दिशा देने के लिए और लीग से हट कर कुछ अलग करने के लिए अपनी भविष्य ज्‍योतिष में भी बना सकते है। आजकल सभी लोग किसी न किसी परेशानी के समाधान के लिए ज्योतिषियो के पास जाते हैं लेकिन बाजार ज्योतिषियों की कमी के कारण कई लोगो को अपनी समस्या का उचित समाधान नहीं मिलता।

इसलिए युवाओं को आपना भविष्‍य संवारने के लिए ज्योतिष की पढाई एक सुनहरा मौका है। ज्‍योतिष कोर्स के दवारा युवा इसमें एक बेहतरीन करियर विकल्‍प देख सकते हैं। आज इस लेख में हम इस बारे में बता रहे हैं।

  • ज्‍योतिष के कई तरह के कोर्स होते हैं। जिसे 12 वीं के भी एजमिशन लिया जा सकता है। इसमें स्‍नातक ऑनर्स या शास्‍त्री की डिग्री तीन साल की होती है उसके बाद दो साल का पीजी कोर्स या आचार्य की डिग्री होती। इसके अलावा पीएचडी भी कर सकते हैं।
  • अलंकार कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। इसके बाद ज्योतिषाचार्य का कोर्स होता हैं। ज्योतिष और अध्यात्म के साथ-साथ पूजा-पाठ में करियर बनाने के साथ ग्रह-नक्षत्रों के बारे में भी धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।

ज्योतिष से संबंधित कोर्सेस

  • बीएससी इन एस्ट्रोलॉजी, एमएससी इन एस्ट्रोलॉजी, सर्टिफिकेट कोर्स इन एस्ट्रोलॉजी, डिप्लोमा कोर्स इन भारतीय ज्योतिष, बीएम/एमए/पीएचडी इन एस्ट्रोलॉजी, एमए इन संस्कृत रिसर्च इन एस्ट्रोलॉजी, कोर्स इन वेदांग ज्योतिष, टू ईयर ग्रेडेट कोर्स इन वैदिक एस्ट्रोलॉजी, एम इन एस्ट्रोलॉजी (पत्राचार), बीए (संस्कृत), ज्योतिष एमए (आचार्य), ज्योतिष बीए (संस्कृत), ज्योतिष फलित, ज्योतिष बीए (ज्योतिष), एमए (फलित ज्योतिष), एमए (सिध्दांत ज्योतिष), बीए शास्त्री (सिध्दांत ज्योतिष), बीए (फलित ज्योतिष), ज्योतिष डिप्लोमा कोर्स, ज्योतिष डिप्लोमा पुरोहित सर्टिफिकेट ट्रेनिंग कोर्स इन पुरोहित, पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र रिफ्रेशर कोर्स इन ज्योतिष (ज्योतिष प्रज्ञ और ज्योतिष भूषण), ज्योतिष प्रवीण बेसिक एस्ट्रोलॉजी कोर्स (एक साल)।

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