पंजाब में कपास की सरकारी खरीद की राह में आढ़ती बने बाधक : अधिकारी

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भारतीय कपास निगम (सीसीआई) पंजाब में किसानों से कपास की नई फसल की सीधी खरीद के लिए मंडियों में पूरा प्रबंध किया है, लेकिन आढ़तियों के विरोध की वजह से खरीद नहीं हो पा रही है। यह जानकारी सीसीआई के एक अधिकारी ने दी। भंटिडा स्थित सीसीआई की शाखा के अधिकारी बृजेश कताना ने फोन पर बताया कि सीसीआई के कर्मचारी मंडियों में कपास खरीद के लिए मुस्तैद हैं, लेकिन आढ़तियों के मना करने की वजह से किसान फसल लेकर नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “आढ़ती खरीद पर 2.5 फीसदी की दर से कमीशन मांगते हैं, लेकिन हमें किसानों से सीधी खरीद करने और फसल का दाम उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करने का आदेश मिला है। ऐसे में हम आढ़तियों को कमीशन नहीं दे सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि पंजाब की मंडियों में आढ़तियों का वर्चस्व है। किसान से लेकर मिल वाले तक सबपर आढ़तियों की पकड़ है। इसलिए वे उनकी बात मानते हैं। उन्होंने कहा, “आढ़तियों ने कहा है कि कपास की खरीद पर उन्हें कमीशन नहीं दिया जाएगा तो वे सीसीआई की खरीद नहीं होने देंगे।”

कताना ने कहा कि कपास की सरकारी खरीद नहीं होने का एक और कारण यह है कि अभी जो फसल मंडी में आ रही है उसमें नमी की मात्रा ज्यादा है।

उन्होंने बताया कि अभी 14-15 फीसदी नमी फसल में है, जबकि सीसीआई 8-12 फीसदी नमी वाला कपास ही खरीदता है।

उन्होंने कहा कि नमी का मानक है आठ फीसदी, लेकिन उससे अधिक नमी रहने पर कीमतों में कटौती की जाती है। मसलन नौ फीसदी नमी होने पर कपास के न्यनूतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)में से एक फीसदी कम मूल्य पर किसानों से फसल की खरीद की जाती है।

केंद्र सरकार ने चालू खरीफ सीजन 2018-19 के लिए कपास (लंबा रेशा) का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल और मध्यमरेशा वाले कपास का एमएसपी 5,150 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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