क्या ब्रह्मांड में समय को उलटा किया जा सकता है

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जयपुर। जब वैज्ञानिको ने पाया कि विपरीत आवेशC और सादृश्यता P  ब्रह्माण्ड भौतिकी के नियमो के अनुरूप नही है अर्थात उसका आस्तित्व संभव नही हो सकता है।  महाविस्फोट का सिद्धांत यह प्रमाणित करता था कि क्यों पदार्थ की मात्रा प्रतिपदार्थ से ज्यादा है। यदि विपरित आवेश C और सादृश्यता P ब्रह्माण्ड का अस्तित्व संभव होता तब महाविस्फोट के दौरान पदार्थ और प्रतिपदार्थ की समान मात्रा होनी चाहीए थी और ये एक दूसरे को नष्ट कर ऊर्जा मे परिवर्तित हो जाने चाहीए। इस अवस्था मे ब्रह्मांड में ऊर्जा के अतिरिक्त कुछ नही बचता और हमारा अस्तित्व ही नहीं रहता है।

लेकिन वर्तमान में हमारा वजूद है इसका अर्थ है कि पदार्थ की मात्रा प्रतिपदार्थ से ज्यादा थी जो कि आवेश और सादृश्यता सममीती विखंडन का प्रमाण है। अब तक हमने देखा कि विपरित आवेशC ब्रह्माण्ड,  सादृश्यताP ब्रह्माण्ड और आवेश सादृश्यताCP ब्रह्माण्ड का अस्तित्व संभव नही है। जिससे सवाल उठता है कि क्या कोई प्रति-ब्रह्माण्ड संभव है ? जवाब है कि हां विपरीत CP ब्रह्माण्ड का अस्तित्व संभव नही है लेकिन एक प्रति ब्रह्माण्ड संभव है जो कि विचित्र हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदी हम आवेश को विपरीत कर दे,

दिशा विपरीत कर दे(दर्पणाकृति) तथा समय की दिशा पलट दे, तब बनने वाला ब्रह्माण्ड भौतिकी के सभी नियमो का पालन करेगा। विपरीत CPT ब्रह्माण्ड संभव है। समय की दिशा बदलना विचित्र लगता है, यह सामान्य बुद्धि के विपरित है क्योंकि अगर ऐसा देखते है तो विपरीत समय के ब्रह्माण्ड मे लाशे मृतावस्था से जिवित होकर, वृद्धावस्था से युवावस्था, युवावस्था से किशोरावस्था की ओर जायेंगी। सब कुछ इस काल से उलटा होगा। सामान्य बुद्धि कहती है कि विपरीत समय का ब्रह्माण्ड संभव नही है लेकिन परमाण्विक कणो के गणितिय समीकरण इसे संभव बताते है।

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