क्या इंसानों के अंगों को भी फिर से उगाया जा सकता है, वैज्ञानिकों ने salamander पर किए शोध

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शोधकर्ताओं ने एक आणविक विधि की पहचान की है जो salamanders छिपकली को अपने अंगों को फिर से उगाने में मदद करेगा। इस विधि या शोध से इंसानों में भी इसके परिणाम की व्याख्या कर सकता है।

Salamanders पूरे अंग को फिर से उगा सकते हैं, चाहे उनके अंगों को कितनी भी बार काटा गया हो। इसकी यह क्षमता एकदम यूनीक है क्योंकि salamanders के अंग में त्वचा, मांसपेशियां, और हड्डियां हैं। और ये प्राणी अपने अंग दुबारा बनाने के लिए ऊत्तकों को बदल सकता है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन्होंने वर्तमान अध्ययन का आयोजन किया, पूरे अंग को फिर से उगाने की salamanders की क्षमता ” ERK pathway ” की वजह से है। इस ERK pathway को हमेशा एक्टिव रहने की जरूरत होती है ताकि ये salamanders अपने अंगों को वापस उगा सके।

शोधकर्ताओं ने कहा कि salamanders स्तनपायी कोशिकाओं में पूरी तरह से सक्रिय नहीं है। लेकिन, जब इसे प्रयोगशाला सेटिंग में सक्रिय रखा जाता है, तो कोशिकाओं में रिप्रोग्रामिंग की अधिक संभावना होती है और परिणामस्वरूप, ऊतकों को पुनर्जन्म हो पाता है। ERK pathway कोशिका के सतह पर प्रोटीन की मदद करता है जो सेल के नाभिक को संकेत भेजता है। आगे के शोध से शोधकर्ताओं ने मानव अंगों को फिर से उगाने में दद कर सकता है।

अध्ययन में यह भी बताया गया है कि केवल कुछ ही जानवर शरीर के अंगों का पुनर्जन्म क्यों कर सकते हैं। हालांकि मनुष्य में पुनर्योजी क्षमता सीमित है, अन्य जीव, जैसे कि छिपकली, अपने हृदय, आंखों, रीढ़ की हड्डी, पूंछ के कुछ हिस्सों सहित जटिल संरचनाओं को वापस उगाने में सक्षम है।

इस प्राणी से हमें एक प्रकार के ERK pathway का पता चला है। जिससे इनके अंग वापस आ जाते हैं। अगर इंसानों में ऐसे ही किसी pathway को हम जनरेट कर पाएं तो शायद इंसानों में भी हम ऐसा ही कुछ कर सकते हैं। फिलहाल इस पर काफी शोध किए जाने बाकी हैं।

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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