राज्यसभा में राफेल सौदे पर पेश सीएजी रिपोर्ट आधी-अधूरी : मायावती

0
106

बहु-चर्चित राफेल लड़ाकू विमान सौदे के सम्बंध में सीएजी की बहु-प्रतीक्षित रिपोर्ट राज्यसभा में पेश किये जाने पर बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि संसद के बजट सत्र के आज अन्तिम दिन राफेल विमान सौदे पर बहु-प्रतीक्षित सीएजी रिपोर्ट जनता की नजर में आधी-अधूरी है।

मायावती ने कहा है कि यह न तो सम्पूर्ण है और न ही पूरी तरह से सही है। भाजपा सरकार में क्यों संवैधानिक संस्थाएं अपना काम पूरी ईमानदारी से नहीं कर पा रही हैं? देश चिन्तित है।

मायावती ने कहा कि पिछले पांच वर्षो के शासनकाल में बीजेपी सरकार एक भी राफेल लड़ाकू विमान वायुसेना के बेड़े में शामिल नहीं करा पाई है। क्या यही बीजेपी सरकार की राष्ट्रहित व राष्ट्रीय सुरक्षा है?

नयूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleवैलेंटाइन डे स्पेशल: इस वेलेंटाइन-डे पर अपने पार्टनर को उपहार में दें क्लासिक अंगूठी
Next articleकिसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है इस पत्ते का रस
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here