कौशल संस्थानों के विलय को कैबिनेट की मंजूरी

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कौशल मानकों और कौशल विकास कार्यक्रमों की बाजार उपयुक्तता को बेहतर बनाने के मकसद से दो नियामक संस्थानों के राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) में विलय को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (एनएसडीए) का एनसीवीईटी में विलय किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “एनसीवीईटी का मुख्य उद्देशय देश में कौशल मानकों को बेहतर बनाना है।”

एनसीवीईटी व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में लगे दीर्घकालिक और अल्पकालिक संस्थानों की कार्य पद्धति को नियंत्रित करेगा और इस तरह के संस्थाओं की कार्य पद्धति के लिए न्यूमतम मानदंडों को स्थापित करेगा।

एनसीवीईटी का प्राथमिक कार्य पुरस्कृत इकाइयों, इकाइयों का मूल्यांकन व कौशल संबंधित प्रदाताओं को मान्यता देना व उनका नियमन करना है और पुरस्कृत इकाइयों व सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा विकसित योग्यता को मंजूरी देना है।

मंत्री ने कहा कि भारत के कुशल जनबल की विश्व स्तर पर काफी अच्छी मांग है। उन्होंने कहा कि देश में डिजिटल कौशल की भी जरूरत है।

प्रसाद ने कहा कि देश में 14 हजार मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और 13 हजार अन्य गैर मान्यता प्राप्त केंद्रों को नियामक निरीक्षण की जरूरत है।

नई परिषद व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को विश्वसनीयता प्रदान करेगी, अधिक निजी निवेश को प्रोत्साहन देगी और कौशल क्षेत्र में कर्मियों की भागीदारी को बढ़ाएगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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