कौशल संस्थानों के विलय को कैबिनेट की मंजूरी

0
76

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कौशल मानकों और कौशल विकास कार्यक्रमों की बाजार उपयुक्तता को बेहतर बनाने के मकसद से दो नियामक संस्थानों के राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) में विलय को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (एनएसडीए) का एनसीवीईटी में विलय किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “एनसीवीईटी का मुख्य उद्देशय देश में कौशल मानकों को बेहतर बनाना है।”

एनसीवीईटी व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में लगे दीर्घकालिक और अल्पकालिक संस्थानों की कार्य पद्धति को नियंत्रित करेगा और इस तरह के संस्थाओं की कार्य पद्धति के लिए न्यूमतम मानदंडों को स्थापित करेगा।

एनसीवीईटी का प्राथमिक कार्य पुरस्कृत इकाइयों, इकाइयों का मूल्यांकन व कौशल संबंधित प्रदाताओं को मान्यता देना व उनका नियमन करना है और पुरस्कृत इकाइयों व सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा विकसित योग्यता को मंजूरी देना है।

मंत्री ने कहा कि भारत के कुशल जनबल की विश्व स्तर पर काफी अच्छी मांग है। उन्होंने कहा कि देश में डिजिटल कौशल की भी जरूरत है।

प्रसाद ने कहा कि देश में 14 हजार मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और 13 हजार अन्य गैर मान्यता प्राप्त केंद्रों को नियामक निरीक्षण की जरूरत है।

नई परिषद व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को विश्वसनीयता प्रदान करेगी, अधिक निजी निवेश को प्रोत्साहन देगी और कौशल क्षेत्र में कर्मियों की भागीदारी को बढ़ाएगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleक्रिकेट इतिहास के चुनिंदा भावुक पल, जब फैंस से लेकर दिग्गजों की आखें में तक थे आंसू
Next articleआभूषण ब्रांड ‘कैरटलेन’ के स्टोर का नोएडा में शुभारंभ
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here