कृषि शिक्षा विकास योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी, जानिए इसके बारे में !

0
216

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को देश में उच्चतर कृषि शिक्षा के विकास के लिए कृषि शिक्षा प्रभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) संस्थानों के लिए 2225.46 करोड़ रुपये की तीन वर्षीय योजना को जारी रखने को मंजूरी प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की ओर से लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “इस योजना का मकसद उच्चतर कृषि शिक्षा केंद्रों से गुणवत्तायुक्त मानव संसाधन पैदा करना है।”

देश में उच्चतर कृषि शिक्षा के सु²ढ़ीकरण और विकास के लिए 2050.00 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके साथ-साथ आईसीएआर-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (एनएएआरएम) के लिए 24.25 करोड़ रुपये और आईसीएआर, गृह विज्ञान पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी-एचएस) सहित केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान (सीआईडबल्यूए) के लिए 151.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleस्वराज इंडिया ने कहा, आप और भाजपा का धरना तमाशा
Next articleसंजू फिल्म के इस सीन पर इस शख्स को हैं आपत्ति,कहा सीन हटाओ वरना कोर्ट में जाएगा मामला
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here