बुंदेलखंड : विदेशों से लौटे 11 लोगों की हो रही घरों पर निगरानी

0

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में विदेशों से वापस लौटे 11 लोगों को उनके घरों में ही क्वारेंटाइन (एकांत) में रखकर स्वास्थ्य विभाग निगरानी कर रहा है। अन्य राज्यों से मजदूरी कर लौटे 41 व्यक्तियों का मंगलवार को चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है।

बांदा के अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सन्तोष बहादुर सिंह ने बुधवार को बताया कि पिछले दिनों थाईलैंड, जापान और सिंगापुर से अपने घर लौटे 11 लोगों को उनके घरों में ही क्वारेंटाइन (एकांत) में रखकर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, उन्हें घरों से बाहर निकलकर घूमने की इजाजत नहीं है।

उन्होंने बताया कि इसके पूर्व क्वारेंटाइन में रखे गए दो लोगों की निगरानी अवधि खत्म हो गयी है। उनमें कोरोनावायरस के लक्षण नहीं पाए गए। विदेश से लौटे सभी लोग बांदा शहर के ही निवासी हैं।

वहीं, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सन्तोष कुमार ने बताया कि विभिन्न राज्यों से मजदूरी कर अपने घर लौटे 41 मजदूरों का मंगलवार को जिला चिकित्सालय में परीक्षण कराया गया है। इनमें दो को संदिग्ध मानकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है और उनका स्वाब (लार) जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया है। अभी तक यहां किसी भी व्यक्ति में कोरोनावायरस के लक्षण नहीं पाए गए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleकोरोना की गिरफ्त में विश्व की प्रमुख हस्तियां
Next articleराहत कोष में भाजपा विधायक 1 माह का वेतन, मंत्री 1 लाख रुपये देंगे : मोदी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here