मुक्केबाजी : महिला विश्व चैम्पियनशिप में रिकार्ड संख्या में मुक्केबाज

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ऐसे में जबकि 10वीं आईबा महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप-2018 के शुरू होने में 10 दिनों का समय रह गया है, 70 देशों की 300 मुक्केबाजों ने इंदिरा गांधी स्टेडियम कॉम्पलेक्स में स्थित केडी जाधव हॉल में होने वाली इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने की पुष्टि कर दी है। यह इस चैम्पियनशिप के लिहाज से एक रिकार्ड है। जर्मनी, अमेरिका, इंग्लैंड, यूक्रेन, पनामा, आस्ट्रेलिया, थाईलैंड, बुल्गारिया, सोमालिया सहित कुल 16 देशों की मुक्केबाज कंडीशंस के साथ तालमेल बनाने के लिए निर्धारित समय से पहले भारत पहुंच रही हैं।

इस चैम्पियनशिप में जिन मुक्केबाजों पर सबकी निगाह रहेगी, उनमें पांच बार की विश्व चैम्पियन भारत की एमसी मैरीकॉम, इटली की एलिसा मेसियानो प्रमुख हैँ। मैरीकॉम छठा विश्व खिताब जीतने का प्रयास करेंगी। इटली की एलिसा ने 2016 में स्वर्ण जीता था और अब वह एक बार फिर सोने के साथ स्वदेश लौटना चाहेंगी।

कजाकिस्तान की नाजयुम कायजाएगा ने 51 किलोग्राम वर्ग में 2016 में आयोजित चैम्पियनशिप के बीते संस्करण में सोना जीता था और अब वह एक बार फिर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के बीच अपना खिताब बचाने का प्रयास करेंगी।

देश के मुक्केबाजी प्रेमी 10 अलग-अलग कटेगरी में दुनिया भर की मुक्केबाजों को रिंग में अपना फन दिखाते हुए हर्षित होंगे। इनमें 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली आस्ट्रेलियाई मुक्केबाज काये स्कॉट का नाम प्रमुख है। इसके अलावा थाईलैंड की पिएमविलाई लाओपोएम और रियो ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली रूस की मशहूर मुक्केबाज अनास्तासिया बेलियाकोवा भी 10 दिनों तक होने वाली इस चैम्पियनशिप में लोगों का भरपूर मनोरंजन करेंगी।

इन सबके अलावा ओलम्पिक खिलाड़ी नीदरलैंड्स की नौचका फोंटजिन और कोलम्बिया की इंग्रिट वालेंसिया भी लोगों का मनोरंजन करेंगी। इन दोनों ने 2016 के रियो ओलम्पिक में अपने-अपने कटेगरी में कांस्य जीता था। रियो में रजत जीतने वाली दो बच्चों की मां मीरा पोटकोनेन पर भी सबकी नजरें होगीं क्योंकि फिनलैंड की यह चैम्पियन मुक्केबाज घर लौटने से पहले भारत में सोने का तमगा हासिल करना चाहेगी।

पनामा, मोरक्को, स्पेन, अर्जेटीना, फिलिपींस, आस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, श्रीलंका, थाईलैंड और बुल्गारिया की मुक्केबाज भारत पहुंच चुकी हैं और इस सप्ताह यूक्रेन, सोमालिया, इंग्लैंड, पोलैंड, जर्मनी और न्यूजीलैंड की मुक्केबाजी टीमें यहां पहुंच रही हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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