कोरोना से जंग में आगे आया बीएमएलयू, कर रहा फेस शील्ड का निर्माण

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कोरोना के साथ जंग में अब स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय भी अपने स्तर पर योगदान देने के लिए आगे आए हैं। गुरूग्राम का बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी भी इन्हीं में से एक है। इस यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और छात्रों ने अपने स्तर पर उन्नत फेस शील्ड का निर्माण कर उन्हें गुरूग्राम नगर निगम को दिया है। बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और विद्यार्थियों ने प्रोफेसर ए.के. प्रसाद राव और प्रोफेसर. कल्लूरी विनायक के नेतृत्व में गुरूग्राम नगर निगम (एमसीजी) को अपने यहां बनाए गए 1000 फेस शील्ड भेंट किए, जो नगर निगम कर्मचारियों को कोरोना से लड़ने में मदद करेंगे।

यूनिवर्सिटी ने गुरूग्राम के उपायुक्त आईएएस अमित कुमार खत्री से मुलाकात की और यूनिवर्सिटी की तरफ से कोविड-19 वॉरियर्स के लिए यह फेस शील्ड भेंट कीं। ये फेस शील्ड सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किए गए हैं।

थ्री डी प्रिंटिंग और इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक से यूनिवर्सिटी कैम्पस में ही इन फेस शील्ड्स का निर्माण किया जा रहा है ताकि तेजी से फैल रहे इस वायरस को सुविधाजनक एवं प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी की विभिन्न प्रयोगशालाओं से उत्पादित इन फेस शील्ड का डिजाइन इंजीनियंरिंग स्कूल के छात्रों की टीम कानव मित्तल, भाव्या टूटेजा, पी.नरसिंम्ह चंद्र, चित्रांगदा विष्णु और अमन सिंह ने फैकल्टी को-ऑर्डिनेंस प्रो. ए. के. प्रसाद राव और प्रो. कल्लूरी विनायक की देखरेख में तैयार किया जा रहा है।

यूनिवर्सिटी की फैकल्टीज अब इस प्रकार की फेस शील्ड विशाल स्तर पर बनाने में सक्षम है।

बीएमयू के प्रेसिडेन्ट अक्षय मुंजाल ने कहा, “स्थानीय प्रशासन की सहायता करने के लिए हम सदैव तत्पर रहे हैं। बीएमयू में फैकेल्टी और स्टाफ पीपीई सामग्री का उत्पादन करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं जो सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप है और अब भविष्य में अधिक फेस शील्ड उत्पादित करने में सक्षम हैं।”

यूनिवर्सिटी के तकनीकी कौशल के बारे में बीएमयू के वाइस चांसलर प्रो. मनोज के.अरोड़ा ने कहा, “हमारी यूनिवर्सिटी, ऑटोमेशन और एडिटिव मैन्युफैक्च रिंग के क्षेत्र में उच्च स्तरीय उपकरणों एवं प्रयोगशालाओं से सुसज्जित है। हमारी फैकल्टीज और स्टाफ के प्रयासों एवं एजी इण्डस्ट्रीज ने हमारी थ्री डी तकनीक का प्रयोग कर यह सराहनीय उत्पाद तैयार किया है। अस्पताल और हेल्थ केयर सेन्टर, उद्योगों और वेयर हाउसेज पर कार्यरत लोगों के लिए पीपीई का होना नितांत आवश्यक हो गया है। अग्रिम पंक्ति के कोविड-19 वॉरियर्स की मदद कर हम हमेशा ही कार्यरत रहेंगे।”

न्यूज स्तेत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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