‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन समानता के बारे में : माइकल होल्डिंग

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वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने नस्लवाद पर कड़ा संदेश देते हुए बुधवार को कहा कि ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन समानता के बारे में है। स्काई स्पोर्ट्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है, जिसमें होल्डिंग ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट मैच के शुरू होने से पहले यह बात कही। होल्डिंग ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर एबनी रेनफोर्ड से बातचीत में कहा कि लोगों को समझना होगा कि अश्वेत लोगों की जिंदगी भी महत्वपूर्ण है।

होल्डिंग ने कहा, “कई साल पहले भी विरोध में, यहां तक कि जब मार्टिन लूथर किंग मार्च कर रहे थे, आप पाएंगे कि अधिकांश अश्वेत और कुछ ही श्वेत चेहरे इनमें होते थे। लेकिन, इस बार इन विरोध प्रदर्शनों में बहुत सारे गोरे लोग शामिल हैं और यह अंतर है।”

उन्होंने कहा, “हम सब इंसान हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि लोग समझेंगे कि ये ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन सिर्फ अश्वेत लोगों के लिए नहीं है। ये किसी को किसी से ऊपर करने वाली बात नहीं है। ये समानता को लेकर है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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