भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

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भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के पूर्व राज्यसभा सदस्य व वरिष्ठ स्तंभकार राजनाथ नाथ सिंह ‘सूर्य’ का आज लखनऊ में निधन हो गया। ‘सूर्य’ का पार्थिव शरीर किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ में रखा जाएगा। सूर्य ने मेडिकल कालेज को अपना देहदान किया था। वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व राज्यसभा सांसद राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दिवंगत के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ ने हमेशा जन सरोकारों को प्राथमिकता दी।

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने ‘सूर्य’ के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर से प्र्थना है कि वह पुण्य आत्मा को चिर शांति व शोकाकुल परिवार को इस अपार दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

अयोध्या जनपद के जनौरा मोहल्ले के निवासी राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ अपनी लेखनी तथा प्रखर विचारों के लिए जाने जाते थे। सरल स्वभाव के राजनाथ सिंह का पत्रकारिता जगत में भी काफी नाम था। बड़े समाचार पत्रों में उनके संपादकीय लेख अक्सर चर्चा में रहते थे।

राजनाथ 82 वर्ष के थे। उनका देहावसान लखनऊ के पत्रकारपुरम कालोनी स्थित उनके आवास पर हुआ। वे शरीर में कंपन रोग से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर मिलते ही सुबह से उनके आवास पर पत्रकार जगत के दिग्गजों के साथ ही राजनेताओं का आनाजाना लगा है। वहीं सुबह से ही श्रद्घांजलि देने वालों का तांता लग गया। राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ के दो बेटे और एक बेटी है।

राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े थे। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी से की थी। इसके बाद वे कई मीडिया संस्थानों से जुड़े। दैनिक ‘आज’ समाचार पत्र में उन्होंने संपादक के रूप में अपनी सेवाएं दी। दैनिक स्वतंत्र भारत में भी वे बहुत दिनों तक संपादक रहे। उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान ने राजनाथ सिंह सूर्य को पत्रकारिता भूषण सम्मान से नवाजा था। इसके अलावा उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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