नगालैंड में चुनावों से पहले भाजपा के इस सहयोगी दल ने दिया बड़ा बयान

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नेफ्यू रियो

नगालैंड में 27 फरवरी को चुनाव होने हैं। इसके लिए सारी पार्टियां दांव-पेंच लगा रही हैं। चार दिन के बाद हगोने वाले इस विधानसभा चुनाव के लिए सारी पार्टियों ने कमर कस ली है। नगालैंड में इस बार का मुख्य चुनाव भाजपा व उसकी गठबंधन की पार्टी नगालैंड डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव पार्टी और नगा पीपल्स फ्रंट के बीच है। नगा पीपल्स फ्रंट की सहयोगी पहले भाजपा थी, पर उसके बाद भाजपा ने अपना पाला बदल दिया।

इस चुनाव में मुख्य केंद्र चर्च और ईसाई समुदाय हैं। नगालैंड में लगभग 90 प्रतिशत ईसाई धर्म के लोग रहते हैं। ऐसे में भाजपा के लिए अपना हिंदुत्व का रवैय्या यहां पर भी कायम रखना, उसके लिए एक गलती ही होगी। नगालैंड के चर्चों के धर्मगुरुओं ने भी जनता से भाजपा या उसके सहयोगी दलों को वोट देने से मना किया है। धर्म गुरुओं का कहना है कि भाजपा ईसाईयों के खिलाफ काम करती है, इसलिए राज्य में उसपर भरोसा नहीं करना चाहिये।

नेफ्यू रियो

इधर राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी नगालैंड डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव पार्टी है। अब भाजपा की इस सहयोगी पार्टी ने भी कह दिया है कि अगर चुनाव जीतने के बाद उनकी सरकार आती है और भाजपा राज्य में ईसाई विरोधी काम करती है तो वो उनसे गठबंधन तोड़ लेगी। नगालैंड डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार निफ्यू रियो ने खुद ये बात कही है। रियो का ये भी मानना है कि चर्च का डर सही है, क्योंकि केरल में हुए चर्च पर हमले तथाकथित भाजपा सहयोगी संगठनों के द्वारा ही कराए गए हैं।

चर्च ने जो बात कही है वो कहीं न कहीं सही है। हम यहां हमारे लोगों की रक्षा के लिए हैं। हमारे धर्म की रक्षा के लिए हैं. उस पर कोई समझौता नहीं होगा। संविधान के मुताबिक हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। नगालैंड को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है।

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