सबरीमाला फैसले पर अजान को लेकर भाजपा ने खड़ा किया बखेड़ा

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सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने गुरुवार को सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ‘अजान’ का मुद्दा उठाया। वर्मा ने कहा, “सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।”

उन्होंने आईएएनएस को बताया, “आप जानते हैं, मस्जिद पर सुबह की प्रार्थनाओं या माइक के डेसीबल लेवल साउंड पर कई तरह के आदेश हैं।”

वर्मा ने कहा कि जब सुबह की अजान में डेसीबल लेवल पर नियम लागू नहीं किए जा सकते हैं, तो सबरीमाला में भी महिलाओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने गुरुवार को इस मामले को एक बड़ी पीठ को सौंप दिया। हालांकि इसने पहले के नियम को बरकरार रखा है जिसमें केरल में स्थित इस मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी।

वैसे तो वर्मा ने इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने नाम लिए बगैर जामा मस्जिद के शाही इमाम पर निशाना साधा।

उन्होंने आईएएनएस से हुई बातचीत में यह भी कहा, “धर्म को लेकर कई एफआईआर विचाराधीन है, तो सरकार को तर्कसंगत तरीके से काम करना चाहिए।”

वर्मा ने इमाम बुखारी का नाम लिए बिना साल 2001 में सरकारी कर्मचारियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों का जिक्र किया। जब मामला अदालत में पहुंचा तो तर्क दिया गया कि कानून और व्यवस्था की स्थिति में उनके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। हालांकि साल 2016 में एक अदालत ने कहा कि जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी एक मस्जिद के प्रमुख होने के नाते इसका लाभ नहीं उठा सकते हैं और ‘काल्पनिक’ सांप्रदायिक तनाव का हवाला देकर अदालत को धमका नहीं सकते हैं।

सबरीमाला पर भाजपा का हमेशा से यही कहना रहा है कि परंपरा और विश्वास का सम्मान किया जाना चाहिए और इसे न्यायिक दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए, लेकिन वर्मा द्वारा ‘अजान’ के मुद्दे को उठाना और इमाम बुखारी पर तंज कसना, इसने इसे एक सांप्रदायिक मोड़ दे दिया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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