भाजपा ने राहुल गांधी की नागरिकता पर उठाए सवाल

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भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर उनके चुनावी शपथ-पत्र में नागरिकता और शैक्षणिक योग्यता के संबंध में कथित विसंगतियों को लेकर निशाना साधा।

पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने कहा, “आज पूरा देश स्तब्ध है कि राहुल गांधी और उसके वकील राहुल कौशिक अमेठी के निर्वाचन अधिकारी द्वारा मांगी गई नामांकन पत्र की कुछ जानकारियों को बता नहीं पाए।”

राव ने कहा कि अमेठी में उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए प्रश्न वास्तव में गंभीर हैं, इतने गंभीर हैं कि राहुल के कानूनी प्रतिनिधि भी इन आपत्तियों के जवाब नहीं दे पाए।

उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब एक निर्दलीय उम्मीदवार ध्रुव लाल ने अमेठी की एक अदालत में राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता और नागरिकता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

राहुल गांधी के प्रतिनिधि ने जवाब और स्पष्टीकरण के लिए समय मांगा और उन्हें 22 अप्रैल 10.30 बजे तक का समय दिया गया है।

उन्होंने कहा, “हम चाहेंगे कि कांग्रेस इन प्रश्नों का जवाब आज दे और हम राहुल गांधी से भी इसका जवाब आज चाहते हैं।”

राव ने राहुल द्वारा 2004 के चुनावी शपथ-पत्र में संदर्भित कंपनी, जिसमें उन्होंने निवेश किया था, के बारे में जानकारी मांगी।

भाजपा नेता ने कहा कि कंपनी का नाम बैकऑप्स लिमिटेड है। यह कंपनी लंदन में पंजीकृत है, जिसके राहुल गांधी एक निदेशक हैं।

उन्होंने कहा, “इस कंपनी द्वारा ब्रिटेन के अधिकारियों को जमा कराया गया आधिकारिक दस्तावेज एसोसिएशंस के ज्ञापन के रूप में और 21 अगस्त, 2005 को समाप्त हुए वार्षिक रिटर्न की अवधि के रूप में है। इसलिए 2005 में ब्रिटेन के अधिकारियों को जमा कराया गया दस्तावेज स्पष्ट बताता है कि वह ब्रिटेन के एक नागरिक हैं। और अगर वह ब्रिटेन के नागरिक हैं तो वह खुद ब खुद भारत की नागरिकता खो चुके हैं, क्योंकि नागरिकता अधिनियम विधेयक 1955 स्पष्ट रूप से बताता है कि भारत का कोई भी नागरिक जिसके पास दूसरे देश की भी नागरिकता है, वह भारत की नागरिकता से वंचित हो जाता है।”

कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए, भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि क्या आप वास्तव में 2005 में ब्रिटेन के नागरिक थे या इससे पहले या बाद में? और क्या यह आपको यहां का गैर-नागरिक नहीं बनाता?”

उन्होंने कहा, “एकबार जब आप अपनी नागरिकता खो देते हैं, तो आप कोई भी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रहते। उन्हें आज इस बारे में स्पष्ट बताना चाहिए और लोगों को उनकी नागरिकता की असली कहानी बतानी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “2004 के चुनावी शपथ-पत्र में, केवल दो शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज दिए गए थे। एक 1989 का माध्यमिक स्कूल सर्टिफिकेट और दूसरा ब्रिटेन के ट्रिनिटी कॉलेज से 1995 में प्राप्त एम.फिल की डिग्री। इसबीच उन्होंने किसी भी अन्य शैक्षणिक योग्यता का दस्तावेज पेश नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “2009 और 2014 के शपथपत्रों में एक फिर अनियमतिता देखने का मिली। 2009 में उन्होंने एक और शैक्षणिक योग्यता दस्तावेज पेश कर दिया। उन्होंने 1994 में रोलिंग्स कॉलेज से प्राप्त बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पेश कर दी। और फिर ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट इकोनोमिक्स से एम. फिल की डिग्री पेश कर दी।”

उन्होंने कहा, “2014 में उनके अगले शपथपत्र में यह डेवलपमेंट इकोनोमिक्स अब एम.फिल इन डेवलपमेंट स्टडीज बन गया।”

भाजपा नेता ने कहा कांग्रेस अध्यक्ष को या तो यह याद नहीं है कि उन्होंने क्या पढ़ाई की या फिर उनके पास अपनी डिग्री दिखाने के लिए दस्तावेज नहीं हैं।

राव ने कहा, “उन्होंने खुद को ब्रिटेन के बैकऑप्स कंपनी का एक निवेशकर्ता और निदेशक बताया। आय का क्या हुआ? क्या उन्होंने उस कंपनी में अपने मुनाफे को बेच दिया?”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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