भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, म्हादेई विवाद का रास्ता निकालेंगे

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बताया जा रहा है कि भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह म्हादेई अंतरराज्यीय जल विवाद संकट का समाधान करेंगे। कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शाह ने बीते हफ्ते कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो लंबे समय से चल रहे इस अंतरराज्यीय जल विवाद का समाधान करेगी। शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेंदुलकर ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “उनके पास समाधान होना चाहिए। वह रास्ता निकाल लेंगे।”

यह पूछने पर कि जब कई सालों से चल रहे इस विवाद पर केंद्रीय अधिकरण जल्द ही अपना आदेश सुनाने जा रहा है, ऐसे में शाह का एक चुनावी राज्य में इस तरह का आश्वासन देना उचित है, तेंदुलकर ने कहा, “यह आप उन्हीं से पूछिये।”

म्हादेई नदी पर विवादास्पद कालसा-भांदुरा बांध परियोजना पर अधिकरण में चल रहे विवाद में वर्तमान में गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र शामिल हैं। म्हादेई नदी के माध्यम से कर्नाटक का मकसद म्हादेई बेसिन से पानी को मलप्रभा नदी बेसिन में मोड़ना है।

अधिकरण में चल रही सुनवाई का फैसला कुछ ही महीनों में आने की संभावना है।

म्हादेई को मांडवी नदी के नाम से भी जाना जाता है, साथ ही इस तटीय राज्यों के उत्तरी हिस्सों के लिए जीवनरेखा के रूप में देखा जाता है। यह कर्नाटक से निकलती है और गोवा में अरब सागर से मिलती है। साथ ही यह महाराष्ट्र के छोटे से हिस्से से होकर गुजरती है।

कर्नाटक में नदी 28.8 किलोमीटर और गोवा में करीब 50 किलोमीटर होकर गुजरती है।

दिसंबर 2017 में शाह से बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कनार्टक की भाजपा इकाई के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने मानवता के आधार पर कर्नाटक के साथ म्हादेई नदी के पीने के पानी को साझा करने पर चर्चा करने की पेशकश की थी।

इस पत्र को लेकर पर्रिकर को अपने ही कैबिनेट साथियों के साथ साथ विपक्ष और सामाजिक समूहों से तीखी आलोचना झेलनी पड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को मदद करने के लिए गोवा के मुख्यमंत्री राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को बेच रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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