भाजपा संगठन महामंत्री संतोष ने मनमोहन, प्रभाकर, नोबेल विजेता अभिजीत पर साधा निशाना

0
30

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने कहा है कि एक बार फिर चुनाव आते ही ‘इको सिस्टम’ काम पर लग गया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार जीतने वाले, जेएनयू से पढ़े अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी और आंध्र प्रदेश सरकार के पूर्व सलाहकार पराकला प्रभाकर पर निशाना साधा है। पराकला प्रभाकर, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के पति हैं। बी.एल. संतोष ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा, “हरियाणा और महाराष्ट्र में मतदान की तारीखें नजदीक आते ही फिर से ‘इको सिस्टम’ काम पर लग गया है। मनमोहन सिंह 19 अक्टूबर को प्रेस को संबोधित करेंगे, अभिजीत बनर्जी भी साक्षात्कार देना शुरू कर दिए हैं, इतने वर्षों बाद अचानक पराकला प्रभाकर भी बाहर निकलते हैं। पांच दिन की प्रसिद्धि के लिए इन सभी का स्वागत करें।” इस ट्वीट में संतोष ने भाजपा के ट्विर हैंडल को भी टैग किया है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक अंग्रेजी दैनिक में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के पति और आर्थिक मामलों के जानकार पराकला प्रभाकर ने एक लेख लिखकर देश की अर्थव्यवस्था को खराब बताया था। उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए लिखा था, “सरकार भले इससे इनकार करे, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि कई सेक्टर संकट का सामना कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा नेहरूवादी मॉडल को कोसती है, मगर इसका कोई ठोस विकल्प नहीं पेश कर पाई है।

बी.एल. संतोष की गिनती संगठन के मामले में तेजतर्रार नेता की है। भाजपा में महासचिव तो कई होते हैं, मगर राष्ट्रीय महासचिव(संगठन) का पद सिर्फ एक होता है, जिसे आमतौर पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री कहते हैं। यह पद संघ से आने वाले व्यक्ति को ही मिलता है, जिसका मूलत: काम संघ और भाजपा के बीच समन्वय का होता है।

पहले इस पद पर रामलाल थे, मगर जुलाई में उन्हें जब संघ ने वापस बुलाया, तो उनकी जगह पर बी.एल. संतोष नियुक्त हुए थे।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleफीफा विश्व कप क्वालीफायर : भारत व बांग्लादेश का मैच 1-1 से ड्रा
Next articleपाकिस्तान में विस्फोट, पुलिसकर्मी की मौत, 11 घायल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here