Farmers Protest: पंजाब विधानसभा में एक हुए कांग्रेस और अकाली दल, BJP के विधायक नहीं दे पाए भाषण

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किसान आंदोलन का असर पंजाब विधानसभा सत्र में भी देखने को मिला है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान तीसरे दिन कांग्रेस और अकाली दल के विधायकों ने बीजेपी के विधायक आरुण नारंग को बोलने से रोक दिया। विधायकों ने बीजेपी नेता से कहा कि वो पहे किसान आंदोलन पर अपना रुख साफ करें उसके बाद ही राज्यपाला के अभिभाषण पर बयान दें।

पीठीसीन सभापति हरप्रताप सिंह अजनाला ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया लेकिन कांग्रेस विधायक दलवीर सिंह गोल्डी, नवतेज सिंह चीमा और अकाली दल के कुछ विधायकों ने बीजेपी के विधायक को बोलने नहीं दिया। नाराज विधायकों का आरोप है कि पिछले सत्र के दौरान जब पंजाब विधानसभा में कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयक पारित किए गए थे तो उस समय भाजपा के विधायक ने उस प्रस्ताव से अपने आप को अलग कर लिया था।

बता दें कि केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर पिछले 100 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है। दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के विरोध में किसान डटे हुए हैं। सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई है। इसके बाद से सरकार और किसानों के बीच डेडलॉक जारी है। किसान तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी के लिए कानून बनाने की केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं लेकिन केंद्र इन कानूनों को रद्द करने के बजाय संशोधन करने को राजी है। यह किसानो को मंजूर नहीं है।

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