भाजपा नेता ने ईवीएम से पार्टी सिंबल हटाने की मांग की

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भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ईवीएम मशीन पर से पार्टियों के सिंबल हटाकर उम्मीदवारों के नाम, फोटो और शैक्षिक योग्यता का विवरण हो। इससे हर प्रत्याशी के साथ समानता का बर्ताव होगा। अभी निर्दलीय उम्मीदवारों को प्रमुख पार्टियों के सिंबल पर चुनाव लड़ने वालों से नुकसान उठाना पड़ता है। चुनाव आयोग में दाखिल 21 पेज की याचिका में उपाध्याय ने मुख्य चुनाव आयुक्त से आर्टिकल 324 के अधिकारों का उपयोग करते हुए ईवीएम से पार्टियों के चुनाव चिन्ह हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है।

उपाध्याय का कहना है कि कई बार पार्टियां गलत उम्मीदवार उतारती हैं। पार्टी और उसके अध्यक्ष को पसंद करने पर मतदाता गलत उम्मीदवार को भी वोट देने को मजबूर होता है। यही वजह है कि ज्यादातर उम्मीदवार अपनी क्षमताओं नहीं बल्कि पार्टी के चुनाव चिह्न् के आधार पर जीत जाते हैं जिससे चुनाव से जुड़ी मंशा प्रभावित होती है।

उपाध्याय का दावा है कि उनके फॉर्मूले को अपनाने से टिकट वितरण में राजनीतिक दलों के प्रमुखों की मनमानी खत्म होगी, वे सही उम्मीदवार उतारने को मजबूर होंगे। उम्मीदवार आधारित चुनाव प्रक्रिया होने से अच्छे जनप्रतिनिधि मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को अपनाने से भ्रष्टाचार, अपराधीकरण, जातिवाद, संप्रदायवाद और भाई-भतीजावाद खत्म होगा।

उपाध्याय ने चुनाव सुधारों से जुड़ी लंबित सिफारिशें भी लागू करने की मांग की। उपाध्याय का कहना है कि हमारे संविधान में सांसद और विधायक का जिक्र है मगर राजनीतिक दलों और चुनाव चिन्हों के बारे में बात नहीं है, मगर चुनाव प्रक्रिया राजनीतिक दलों के हिसाब से चल रही है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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