Manipur, Nagaland उपचुनाव में भाजपा 3, निर्दलीय 3 सीटों पर आगे

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मणिपुर में सत्ताधारी भाजपा के उम्मीदवार 3 विधानसभा सीटों पर और निर्दलीय उम्मीदवार एक सीट पर आगे हैं जबकि नागालैंड में दो सीटों पर दो निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। इंफाल में चुनाव अधिकारियों ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवार वांगोई और सैतु सीटों और वांगजिंग-टेंथा में और एक निर्दलीय उम्मीदवार लिलॉन्ग सीट पर आगे चल रहे हैं।

7 नवंबर को मणिपुर की चार विधानसभा सीटों और 3 नवंबर को नागालैंड की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गिनसुआन्हू को 22 अक्टूबर को चुड़ाचांदपुर जिले की सिंघट सीट से निर्विरोध चुन लिया गया था, क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार चिनलुन्थांग ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।

नागालैंड में, दक्षिणी अंगामी-1 और पुंग्रो-किफिरे दोनों सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मणिपुर और नागालैंड में वोटों की गिनती शुरू हुई और कोविड-19 दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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