बीजेपी ने पहली बार इंटरव्यू लेकर चुना दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष

0

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस नए दौर में लीक से हटकर राजनीति करने के फॉर्मूले पर चल निकली है। अब नेताओं को इंटरव्यू के जरिये बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां देने की शुरुआत हुई है। दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष पद पर आदेश कुमार गुप्ता की नियुक्ति से इसकी शुरुआत हुई है।

पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि मार्च में भाजपा के दीन दयाल उपाध्याय रोड स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में दिल्ली के नेताओं का 15-15 इंटरव्यू चला था। इस इंटरव्यू के फीडबैक के बाद भाजपा ने आदेश कुमार गुप्ता के नाम पर मुहर लगाई।

भाजपा ने सोची-समझी रणनीति के तहत पहली बार प्रदेश अध्यक्ष की तलाश के लिए इंटरव्यू फॉर्मूला अपनाया। दरअसल, यह कवायद संगठन से जुड़े जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं में एक भरोसा जगाने के लिए हुई कि पार्टी वीटो पॉवर से किसी की ताजपोशी नहीं करती है बल्कि सबको आगे बढ़ने के लिए बराबर मौका देती है। इसी मंशा के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव को इस इंटरव्यू के संचालन की जिम्मेदारी दी थी।

भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में पी मुरलीधर राव के कार्यालय में एक से लेकर 15 मार्च तक दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के लिए इंटरव्यू चला। कुछ इंटरव्यू होली से पहले हुए थे और कुछ नेताओं के इंटरव्यू होली के बाद हुए थे। पहले दिल्ली के सभी सात लोकसभा सांसद बुलाए गए। इसके बाद विधायकों को मौका दिया गया। फिर प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और प्रवक्ता आदि स्तर के पदाधिकारियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। हर स्तर के पदाधिकारियों के लिए इंटरव्यू का अलग-अलग दिन निर्धारित रहा।

इन सवालों से टटोला मन

इस इंटरव्यू में शामिल रहे दिल्ली बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया कि राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर ने हर पदाधिकारी को 15 -15 मिनट का समय दिया था। सबसे पहले वह प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के तीन साल के कार्यकाल पर राय मांगते थे। फिर पूछते थे कि क्या दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत है, अगर है तो फिर क्यों? यह भी सवाल होता था कि अरविंद केजरीवाल का मुकाबला करने के लिए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष में क्या गुण होने चाहिए। जिसके बाद वह पूछते थे कि आप बताएं कि इन गुणों के आधार पर दिल्ली के कौन-कौन से नेता प्रदेश अध्यक्ष बनने की काबिलियत रखते हैं। आखिर में पी मुरलीधर राव इंटरव्यू देने वाले नेता का मन टटोलने से भी नहीं चूकते थे कि क्या आप भी प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं। अगर कोई इच्छा जाहिर करता था तो फिर उससे पूछते थे कि आप प्रदेश अध्यक्ष बनने पर क्या कुछ नया करेंगे?

पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस फॉर्मूले से राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने दिल्ली इकाई के सभी पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के दिलो-दिमाग को टटोलकर सभी की ओर से सुझाए गए नेताओं के नामों की लिस्ट तैयार की। सूत्रों का कहना है कि इंटरव्यू में शामिल दिल्ली के अधिकांश नेता इस पक्ष में रहे कि कुछ सांसद, विधायक और प्रदेश इकाई में शामिल वरिष्ठ नेता गुटबंदी में ज्यादा ध्यान देते हैं, इस नाते किसी नए चेहरे को सामने लाना चाहिए जो किसी गुट में न हो।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व ने मंथन के बाद दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नॉर्थ एमसीडी के पूर्व मेयर आदेश गुप्ता के नाम पर मुहर लगाकर सबको चौंका दिया। भाजपा की दिल्ली इकाई के एक और नेता से जब आईएएनएस ने बात की तो उन्होंने कहा कि इंटरव्यू से दिल्ली के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी नेताओं की राय जानने की कोशिश हुई थी। हालांकि इस नेता ने यह भी कहा कि आदेश गुप्ता का नाम इसी इंटरव्यू प्रक्रिया से उभरकर सामने आया, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous article8 जून से बदल जाएगा भक्ति का तौर तरीका, अब मंदिरों में नहीं मिल सकेगा प्रसाद…
Next articlebirthday special: 5 जून को जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए कैसा रहेगा साल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here