पीएम मोदी का मजाक बनाने पर भाजपा ने नाराजगी जताई

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सोशल मीडिया की एक पोस्ट में कांग्रेस द्वारा गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक बनाए जाने पर भाजपा ने कड़ी निंदा की। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस अपने मूल्यों को खो रही है। भाजपा ने कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख दिव्य स्पंदना के पोस्ट की कड़ी निंदा की।

स्पंदना ने मोदी की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह गुजरात के केवडिया में 182 मीटर ऊंची गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पैर के पास खड़े हैं। इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए स्पंदना ने टिप्पणी लिखी, “इज दैट बर्ड ड्रापिंग?”

प्रतिमा के पैर की ऊंचाई मोदी से बड़ी है। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने कहा, “अरे नहीं, यह कांग्रेस के मूल्यों में गिरावट आई है। सरदार पटेल का ऐतिहासिक तिरस्कार और नरेंद्र मोदी के लिए ऐसी नफरत की भाषा इस बात का द्योतक है।” भाजपा ने कहा, “इससे जाहिर होती है-राहुल गांधी के प्यार की राजनीति।”

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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