बर्थडे स्पेशल: जीत की गारंटी हुआ करता था यह बल्लेबाज, शतक लगाकर जिताता था मैच

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जयपुर (स्पोर्ट्स डेस्क) भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए आज का दिन बहुत ही खास है । गुंडप्पा विश्वनाथ आज अपना बर्थडे मना रहे हैं। बता दें की इस धाकड़ खिलाड़ी का जन्म 12 फरवरी को 1948 को कर्नाटक के भद्रावली में हुआ था।यह खिलाड़ी स्वभाव से तो बहुत ही सरल था पर बहुत टफ क्रिकेट खेला करता था। 70 के दशक में क्रिकेट जगत में एक बात अक्सर कही जाती थी कि भारत ढाई बल्लेबाज़ों के साथ मैदान पर उतरता है।

 पहले सुनील गावस्कर और दूसरे गुंडप्पा विश्वनाथ और बाकी पूरी टीम। गुंडप्पा दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज के अलावा लेग ब्रेक गेंदबाजी भी किया करते थे। अपने पहले ही टी टेस्ट में शतक लगाने वाले विशी के नाम वैसे तो विश्व क्रिकेट में कई रिकॉर्ड रहे हैं। मगर एक आनोखा रिकॉर्ड ऐसा भी है जिसकी चाहत हर कप्तान को होती है।   बता दें की विश्वनाथ ने जिस मैच में भी शतक लगाया, भारतीय टीम वह मैच कभी नहीं हारी । उन्होंने 14 शतक लगाए । भारत ने इनमें 13 मैच जीते वही एक मैच ड्रॉ रहा ।बता दें की कानपुर में 1969 में खेले गए दूसरे टेस्ट में विश्वानथ ने डेब्यू किया। पहली पारी में वह शून्य पर आउट हो गए।  पर दूसरी पारी में 137 रन की पारी खेली। केवल यह एक मैच था जो ड्रॉ पर छूटा था।गुंडप्पा विश्वनाथ बहुत ज्यादा टफ क्रिकेट खेल करते थे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की चर्चे थे। विश्वनाथ ने अपना आखिरी टेस्ट 1983 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में खेला था। जब उन्होंने संन्यास लिया तब उनके नाम 91 टेस्ट में 41.93 की औसत से 6080 रन दर्ज थे और उनका बेस्ट स्कोर 222 रन रहा।

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