China में मिले 63 करोड़ साल पहले के कवक बॉयोफॉसिल

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चीनी विज्ञान अकादमी के नानचिंग भूविज्ञान और जीवाश्मिकी संस्थान से मिली खबर के अनुसार चीन और अमेरिका के शोधकर्ताओं ने हाल में चीन के क्वेचोउ प्रांत में 63 करोड़ साल पहले के कवक जैव-जीवाश्म का पता लगाया है। यह अब तक धरती पर पाये गये दुनिया के सबसे पुराने कवक बायोफॉसिल माने जा रहे हैं। इससे जाहिर है कि 60 करोड़ साल पहले मशरूम, खमीर और पेनिसिलियम आदि कवक समुद्र से धरती तक पहुंच चुके थे। इस शोध में शामिल चीनी विज्ञान अकादमी के नानचिंग भूविज्ञान और जीवाश्मिकी संस्थान के उप शोधकर्ता फांग ख ने कहा कि कवक बायोफॉसिल क्वेचोउ प्रांत की वंगआन काउंटी स्थित दो गुफाओं में पाये गये हैं। शोधकतार्ओं ने चट्टान के 20 नमूने जमा किए और हजार से अधिक कवक बायोफॉसिल का पता लगाया, जो बाल से भी पतले हैं।

बताया जाता है कि इससे पहले स्कॉटलैंड में इस तरह के बायोफॉसिल का पता लगाया गया था, जो आज से करीब 41 करोड़ साल पुराने हैं।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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