बिहार : सुपौल का सीओ 55 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

0
250

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक टीम ने गुरुवार को सुपौल जिले में एक अंचल अधिकारी (सीओ) को 55 हजार रुपये बतौर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि मरौना प्रखंड के अंचल अधिकारी एवं निर्मली प्रखंड के प्रभारी अंचलाधिकारी मोहम्मद शाह आलम को ब्यूरो की टीम ने 55 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उनके आवास से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि निर्मली थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद खालिद ने ब्यूरो में शिकायत की थी कि निर्मली प्रखंड के प्रभारी अंचल अधिकारी शाह आलम उनके मकान के पास का अतिक्रमण हटवाने के एवज में 1़50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

सत्यापन के बाद शिकायत सही पाए जाने पर ब्यूरो ने पुलिस उपाधीक्षक गोपाल पासवान के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया। दल ने अंचल अधिकारी को अपने आवास पर मोहम्मद खालिद से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 55 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो की टीम गिरफ्तार अंचलाधिकारी को अपने साथ पटना ले गई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदेश में तेजी से फैल रही है ये नई बीमारी…सांस भी नहीं लेने देती, जानिए इसके बारे में
Next articleIND vs AUS: सचिन तेंदुलकर की भविष्यवाणी, भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज में इस टीम को मिलेगी जीत
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here