बिहार : नीतीश ने म्यूजिक वीडियो ‘तौबा तौबा शराब’ का लोकार्पण किया

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बिहार में शराबबंदी के दो साल पूरे होने के मौके पर गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक म्यूजिक वीडियो ‘तौबा तौबा शराब’ का लोकार्पण किया। इस म्यूजिक वीडियो को बिहार के पत्रकार नीतीश चंद्र ने तैयार किया है। इस म्यूजिक वीडियो में एक गीत ‘कहिए कहिए जनाब तौबा तौबा शराब, कहिए कहिए जनाब छोड़ो छोड़ो शराब’ को खुद नीतीश चंद्र ने लिखा और गाया है और उसकी धुन भी उन्होंने ही तैयार की है।

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, पुलिस महानिदेशक एस.के. द्विवेदी, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुब्हानी ने भाग लिया।

शराब छोड़ने की अपील से जुड़े इस वीडियो में यह दिखाने का भरसक प्रयास किया गया है कि कैसे महिलाओं की तरफ से उठी मांग के बाद शराबबंदी का फैसला किया गया। इसके बाद समाज के हर तबके के लोगों का इसे समर्थन मिला।

वीडियो में भोजपुरी सिनेमा के अभिनेता मनोज तिवारी और रविकिशन के अलावा पटना के पुलिस अधिकारी मनु महाराज, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत और बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय चौधरी ने भी नीतीश चंद्र के साथ ‘तौबा तौबा शराब’ कहा है।

इस वीडियो में सभी दलों के विधायकों, पटना के डॉक्टरों, वकीलों और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों ने भी भूमिका निभाई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी नीतीश ने शादी से जुड़े एक गीत को रिलीज किया था। नीतीश चंद्र ने कहा, “संगीत में मेरी रुचि रही है। पत्रकारिता के दौरान मैने करीब से शराबबंदी के नुकसान को देखा है, यही कारण है कि इस विषय पर मैं अपनी तरफ से भी कुछ योगदान देना चाहता था। शराबबंदी की एक अच्छी पहल है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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