बिहार : लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, निर्माणाधीन मॉल सील

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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पटना के दानापुर के खगौल में लालू के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के निर्माणाधीन मॉल को सील कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम मंगलवार को निर्माण स्थल पहुंची और बन रहे मॉल को सील कर दिया और नोटिस चस्पा कर दिया। करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से 115 कट्ठे जमीन में बन रहा यह मॉल बिहार का सबसे बड़ा मॉल बताया जा रहा था।

केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस मॉल के निर्माण पर पहले ही रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि इस मॉल की जमीन को लेकर भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया था यह जमीन लालू के रेलमंत्री रहते आईआरसीटीसी के दो होटलों के लीज पर देने के एवज में एक मुखौटा कंपनी को दी गई थी।

फिलहाल यह जमीन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और छोटे पुत्र तेजस्वी यादव के नाम पर है। मोदी ने आरोप लगाया था कि इस जमीन का सर्किल रेट 44.7 करोड़ रुपये है, लेकिन इसे लालू प्रसाद की कंपनी लारा प्रोजेक्ट ने वर्ष 2005-6 में महज 65 लाख रुपये में खरीदी थी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले साल जुलाई में लालू प्रसाद और उनसे जुड़े लोगों के पटना और दिल्ली स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी और आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों को लीज पर देने में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।

इस मामले को लेकर लालू परिवार के कई लोगों सहित प्रेमचंद गुप्ता और उनकी पत्नी से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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